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पटना: नीतीश कुमार की ऐतिहासिक जीत पर गर्व करनेवालों को शायद एक सर्वेक्षण के इस आंकडे से जबरदस्त धक्का लग सकता है. बिहार की इस 15वीं विधानसभा के लिये चुने गये आधे से अधिक विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं. 85 विधायकों पर हत्या और हत्या का प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं.
2005 चुनाव की तुलना में इस बार चुनकर आये अपराधिक छवि वाले विधायकों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. और सबसे निराश करनेवाली खबर यह है कि सरकार बनाने जा रहे विजयी गठबंधन में दागियों की संख्या सबसे अधिक है.
जदयु और भाजपा, दोनों में 58-58 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं. भारतीय चुनाव प्रणाली में सुधार के लिये तत्पर स्वयंसेवी संगठन 'नेशनल एलेक्शन वॉच' ने जीत कर आये विधायकों के एकरारनामे (पर्चा दाखिल करते वख्त जमा किये गये ऐफिडेविट) की समीक्षा कर यह आंकडा प्रस्तुत किया है.
| बिहार विधानसभा चुनाव 2010: पार्टियों के अनुसार दागी विधायकों की सूची |
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