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नई दिल्ली, 21 फरवरी | नकदी संकट से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बीच वार्ता से पहले नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार विमानन कम्पनी के लिए बैंक ऋण की वकालत नहीं कर सकती। संकट के कारण विमानन कम्पनी की उड़ान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा, "डीजीसीए ने यात्रियों को सूचित नहीं किए जाने के कारण स्पष्टीकरण की मांग की है। उड़ानें रद्द किए जाने के बारे में खुद डीजीसीए को भी सूचित नहीं किया गया। यह नियमों के खिलाफ है और इसके कारण यात्रियों को परेशानी हुई।"
सिंह ने कहा कि किंगफिशर की बातों को सुनना जरूरी है और यह जानना होगा कि संकट से निकलने के लिए उसने क्या योजना बनाई है।
सिंह ने कहा, "हमें किंगफिशर की बातों को सुनना होगा। जब कभी भी बड़ी कम्पनी बंद होती है तो इससे लोग प्रभावित होते हैं लेकिन आप इस बारे में आश्वस्त रहिए कि हम ऐसी वकालत नहीं करने जा रहे हैं कि बीमार कम्पनियों को बैंकों को ऋण मुहैया कराना चाहिए।"
लगातार तीसरे दिन सोमवार को किंगफिशर की करीब 35 उड़ानें रद्द की गई थीं। कम्पनी अपने बेड़े में शामिल 64 में से केवल 16 विमानों की सेवा ले रही है। शनिवार से 100 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं. (आईएएनएस)
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