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पटना, 25 जनवरी | बिहार में राजधानी पटना के गांधी मैदान में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले ध्वजारोहण में एक परिवार का खास योगदान है। यह परिवार पिछले 47 साल से ध्वजारोहण के लिए तिरंगा बांधता आ रहा है।
बिहार पुलिस के तत्कालीन हवलदार मुनेश्वर दास ने ध्वज बांधने का कार्य वर्ष 1965 में शुरू किया था और अपने जीवन के अंतिम क्षण तक वह इसे करते रहे। मुनेश्वर ने वर्ष 2010 तक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में होने वाले मुख्य राजकीय समारोह स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज बांधने की जिम्मेदारी निभाई। दास की मृत्यु पिछले वर्ष 15 जनवरी हो गई थी। अब यह जिम्मेदारी उनके भतीजे बिन्दा दास निभा रहे हैं।
अधिकारियों का भी मानना है कि यदि मुनेश्वर झंडा न बांधे तो काम अधूरा ही माना जाता था। एक अधिकारी के अनुसार, पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस से पहले मुनेश्वर अपनी बीमारी के इलाज के लिए राज्य से बाहर गए थे, लेकिन मौत से जंग वह जीत नहीं पाए और 26 जनवरी से पहले ही उनकी मौत हो गई।
समस्तीपुर जिले के पाहेपुर गांव निवासी मुनेश्वर ने बिहार पुलिस में सिपाही पद से अपनी नौकरी शुरू की थी। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया गया था।
मुनेश्वर की मौत के बाद बिन्दा ने पिछले वर्ष से यह जिम्मेदारी सम्भाल ली। तिरंगे को देश की आन, बान और शान बताते हुए बिन्दा ने कहा कि वह पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने चाचा के साथ यहां आते रहे हैं। बिन्दा स्वयं पटना जिला पुलिस बल में कार्यरत हैं।
- मनोज पाठक
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