यह स्कूल है या शादी घर, CA-IPCC परीक्षा के दौरान विवाह कार्यक्रम के लिए लगाए जाते हैं टेंट

Publisher ADMIN DatePublished Thu, 12/14/2017 - 12:00
school

RANCHI : देश में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित परीक्षाओं का केंद्र लगभग हर राज्य में बनाया जाता है. रांची भी इससे अछूता नहीं है . यहां का गुरूनानक स्कूल भी उन केंद्रों में शुमार है, जिसमें आये दिन परीक्षा केंद्र बनाया जाता हैं. 16 नवंबर को भी इस स्कूल में CA, IPCC की परीक्षा का केंद्र था. लेकिन जब परीक्षार्थी यहां पहुंचे तो देखा कि केंद्र पूरी तरह से पंडाल में तब्दील है और शादी की तैयारियों के शोर - शराबे के बीच परीक्षा आयोजित की गयी है. किसी भी परीक्षा का केंद्र अमूमन शांतिमय होता है ताकि परीक्षार्थियों का ध्यान एकग्र रहे. लेकिन यहां नजारा बिल्कुल उल्टा ही था.  

 

न्यूज विंग के कई पाठक कर रहे हैं शिकायत

न्यूज विंग के कई ऐसे पाठक हैं जो लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं और मौके की तस्वीरें भी भेज रहे हैं. हालांकि स्कूल प्रबंधन इससे पूरी तरह से वाकिफ है , लेकिन शिकायत के बावजूद आंखें मूंदे रहता है. परीक्षा की तिथि निर्धारित रहने के बाद भी स्कूल में शादी-ब्याह की बुकिंग जारी रहती है. स्कूल परिसर से लेकर हॉल तक में टेंट लगाने और हटाने के अलावा मजदूरों का हल्ला–गुल्ला यह सब म है.

हालांकि इसपर हमने स्कूल के प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश भी की, लेकिन वहां किसी ने फोन रिसीव नहीं किया. परीक्षाकेंद्र पर इस तरह की अनियमितता की जिम्मेदारी कौन लेगा. हमारे कई पाठकों ने न्यूज विंग के जरिये गुरूनानक स्कूल के प्रिंसिपल के साथ ही प्रशासन से भी कई सवाल पूछे हैं –

 ये सवाल हैं

1. क्या स्कूल परिसर का उपयोग वेंकट हाल की तरह किया जा सकता है?

2. क्या नगर निगम से इसका निबंधन है?

3. क्या नगर निगम का कोई शुल्क और कोई नियम है?

4. क्या इससे होने वाली आय पर जीएसटी और आयकर लागू है?       

अक्सर ऐसे ही आयोजित की जाती है परीक्षा

यहां बता दें कि, अभी हाल ही में CA, IPCC की परीक्षा का केंद्र इसी स्कूल में बनाया गया था.यह परीक्षा ICAI इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है. लेकिन इस परीक्षा के दौरान गुरूनानक स्कूल में शादी की तैयारियां चल रही थीं और शोर से परीक्षार्थी अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे थे . हालांकि स्कूल प्रबंधन भी इससे पूरी तरह से वाकिफ है.  कई  बार इसकी शिकायत भी की गय़ी. लेकिन नतीजा ढ़ाक के तीन पात ही रहा.

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