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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन के दूसरे दिन बाबा रामदेव ने आज मंच से फिर लोकपाल और सिटीजन चार्टर की दो मांगें दोहराईं. उन्होंने आज सफाई दी कि उनकी मांग विचाराधीन सरकारी लोकपाल के लिए नहीं बल्कि मजबूत लोकपाल की है.
अपने अनशन के पहले दिन यानी गुरुवार को नरम रुख दिखाने वाले बाबा रामदेव ने आज दूसरे दिन कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं. उन्होंकने आज साफ तौर पर कहा कि सरकारी लोकपाल बिल नहीं चलेगा.
बाबा रामदेव के मुताबिक, 'हमें सरकारी लोकपाल बिल नहीं, बल्कि मजबूत लोकपाल बिल चाहिए.' गौरतलब है कि बाबा रामदेव ने गुरुवार को कहा था कि पूरी तरह नहीं तो 99 फीसदी लोकपाल भी बन जाए तो आगे संशोधन होते रहेंगे.
इसके अलावा बाबा रामदेव ने आज केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भ्रष्टाचार के लिए मेडल मिलना होता तो देश को सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल मिलते.
भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ अपने आंदोलन के लिए देशवासियों से समर्थन मांगते हुए रामदेव ने कहा, 'अगर ओलंपिक में भ्रष्टाचार के लिए कोई प्रतिस्पर्धा होती तो वहां भारत को गोल्ड मेडल मिल सकता था.'
रामलीला मैदान में सुबह आठ बजे से ही समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी. लोगों ने उनके इस बयान पर तालियां बजाईं. इस पर उन्होंने कहा, 'यह ऐसा मुद्दा नहीं है, जिस पर तालियां बजाई जाएं.'
उन्होंने समर्थकों को संबोधित करने से पहले योग शिविर के साथ दिन की शुरुआत की. वह भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ आंदोलन करने के साथ सख्त लोकपाल विधेयक बनाए जाने, सीबीआई को स्वतंत्र बनाने और सिटीजंस चार्टर की भी मांग कर रहे हैं. हाल ही में भंग हुई टीम अन्ना की भी यही मांगें थीं.
उन्होंने कहा, 'अगर सीबीआई को स्वतंत्र इकाई बना दिया गया तो राजनीति स्वच्छ हो जाएगी क्योंकि विपक्षी नेताओं को ब्लैकमेल करने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया जाता है.'
रामदेव का सांकेतिक उपवास गुरुवार से शुरू हो गया है. आयोजकों को इस बार तीन दिन के सप्ताहांत में और भीड़ जुटने की उम्मीद है. उन्होंएने कहा, 'अगर भ्रष्टासचार में मेडल होता तो भारत को गोल्ड मेडल मिलता. सदाचार का यह देश भ्रष्टाोचार में डूबा हुआ है.'
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