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पटना: राज्य में एनआरएचएम में घोटाले की आशंका को लेकर विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा में सरकार को घेरने की कोशिश की. राजद के अख्तरुल इसलाम शाहीन, प्रो अब्दुल गफूर व सम्राट चौधरी ने एनआरएचएम घोटाले की जांच सीबीआइ से कराने को लेकर मंगलवार को कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया, जिसे नियमानुकूल नहीं मानते हुए स्पीकर ने अमान्य कर दिया.
समस्तीपुर के विधायक अख्तरुल इसलाम शाहीन ने बताया कि सिर्फ समस्तीपुर में 17 हजार व मुजफ्फरपुर में 16 हजार महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिये गये हैं. दलसिंहसराय की चकवहाउद्दीन पंचायत के सिजौली गांव की 13 वर्षीया किशोरी का भी ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिया गया है. कुछ ऐसे भी मामले हैं, जिनमें महिलाएं सामान्य बीमारी का इलाज कराने के लिए नर्सिग होम गयीं और उनसे सादे कागज पर अंगूठे का निशान लगवा लिया गया. बाद में उसके नाम पर गर्भाशय निकालने का आधार बना कर राशि की निकासी कर ली गयी.
इससे पूर्व राजद के सदस्यों ने मंगलवार को विधानसभा के मुख्य द्वार पर एनआरएचएम के तहत समस्तीपुर व मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने के मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
राज्य के 11 जिलों में बीपीएल परिवारों की 16,765 महिलाओं का गर्भाशय निकाले जाने का मामला मंगलवार को विधान परिषद में गूंजा. विपक्ष इस मामले की जांच सदन की कमेटी से कराने पर अड़ा था.
उपसभापति सलीम परवेज ने पूरे मामले को खुद देखने की बात कही. श्रम संसाधन मंत्री जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने कहा कि 30 जून को खबर छपने के बाद उसी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर संज्ञान लिया और उच्चस्तरीय बैठक बुलायी.
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