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जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के साथ अन्ना ने भरी हुंकार

नई दिल्ली: गांधीवादी अन्ना हजारे की ओर से सरकार को दिया गया अल्टीमेटम खत्म हो जाने के साथ ही अन्ना भी अनशन पर बैठ गए हैं. सुबह करीब दस बजे अन्ना हजारे जन्तर-मन्तर पर बने मंच पर आए और अनशन शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जनलोकपाल आने तक अनशन जारी रहेगा. अब पहले लोकपाल होगा उसके बाद ही सरकार से बात होगी. ये सरकार आश्वासन देकर पलट गई है.

अन्ना ने कहा कि जब तक सरकार में दागी मंत्री रहेंगे तब तक लोकपाल बिल पास होना संभव नहीं लगता, इसलिए दागी मंत्रियों को जाना ही होगा. अन्ना ने चेतावनी दी है कि अब वे अनशनस्थल से मरने के बाद ही हटेंगे.

इससे पहले, हजारे ने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया था. यह अवधि शनिवार को खत्म हो गई. रविवार को टीम अन्ना के अनशन का पांचवां दिन है. अनशन स्थल पर कम लोगों की मौजूदगी से निराश होने के बजाय अन्ना ने जनलोकपाल के लिए अपना आंदोलन और तेज करने की घोषणा की है. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से बाबा रामदेव के बयान पर प्रहार करते हुए कहा कि आंदोलन पांच लोगों से भी चलाया जा सकता है बशर्ते सच्ची श्रद्धा हो.

टीम अन्ना ने शनिवार को एक बार फिर राष्ट्रपति पर निशाना साधा. टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने अन्ना हजारे की मौजूदगी में अनशन स्थल से कहा, लोग कह रहे हैं कि हम राष्ट्रपति महोदय का अपमान कर रहे हैं, लेकिन पनडुब्बी खरीद घोटाले में रक्षा मंत्री के तौर पर वे आरोपी हैं, तो क्या इस मामले की जांच की मांग करना संविधान के खिलाफ है. हमारी भाषा और भीड़ पर सवाल उठाए जा रहे हैं. हम एक बात पूछना चाहेंगे कि हत्यारों का सांसद चुना जाना क्या संसद का सम्मान है? उन्हें हत्यारा कहना संसद का अपमान है?

गौरतलब है कि संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने पर अन्ना हजारे ने उन्हें बधाई दी थी. केजरीवाल ने आरोपों को और धार देते हुए यहां तक कहा कि इस पद की गरिमा राजेन्द्र बाबू और कलाम जैसे व्यक्तियों से बनी है. लेकिन अब राष्ट्रपति की कुर्सी दूषित हो गई है. इस मुद्दे पर टीम अन्ना को समर्थन दे रहे बाबा रामदेव ने असहमति जताई थी.

अन्ना समर्थकों ने शनिवार शाम को 7, रेसकोर्स रोड पर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया. पुलिस ने 50 अन्ना समर्थकों को गिरफ्तार किया, इनमें 6 महिलाएं हैं. सरकार तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ हाथों में तख्तियां थामे और नारेबाजी कर रहे ये प्रदर्शनकारी कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच तथा सशक्त जनलोकपाल बिल की मांग कर रहे थे. इन्होंने हवा में पर्चे भी फेंके जबकि कुछ गेट पर चढ़ गए.

This Article Posted on: July 29th, 2012 by anita in : Sections.

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