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"टॉयलेट एक प्रेम कथा", एक और नेशनल अवार्ड पक्का

News Wing
Ranchi, 11 August: अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की "टॉयलेट एक प्रेम कथा" शुक्रवार को देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हो चुकी है. दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के अनुसार यह एक शानदार सामाजिक और मनोरंजक फिल्म है. अगर आप अभी भी यह सोच रहे हैं कि फिल्म कैसी है, तो बेफिक्र हो कर देखने जा सकते हैं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अब तक धूम मचा रही है. अक्षय कुमार लोगों को हंसाहंसा कर लोट-पोट कर देते हैं. शुरूआत से लेकर अंत तक फिल्म दर्शकों को बांधे रहती है.

फिल्म की कहानी : एक महिला अपने पति को अपने विवाह के पहले दिन ही छोड़कर चली जाती है, जब उसे पता चलता है कि उसके ससुराल में शौचालय नहीं है. सामाजिक रूप से प्रासंगिक यह फिल्म देश में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान पर आधारित है. फिल्म खुले में शौच की समस्या को दर्शाती है. शौचालयों और इसके उपयोग के महत्वपूर्ण विषयों को हल करती है. खेतों और खुले में जाकर शौच करने की हमारी पुरानी आदत पर व्यंग्य करते हुए यह फिल्म बड़े ही मजेदार ढंग से बनाई गई है.

10 मिनट के अंदर थियेटर हॉल में सीटियां और तालियां गूंजने लगती है, जो कि अंत तक नहीं रूकती. अपने अभिनय से अक्षय कुमार ने फिल्म में जान डाल दी है. अक्षय कुमार का हर डायलॉग दर्शकों की तारीफें बटोरता है. यह कभी आपका ध्यान खीचेगा, तो कभी गुदगुदाएगा.

अधिकांश दर्शकों के अनुसार उन्हें फिल्म काफी पसंद आई. लोगों का मानना है कि निश्चित ही यह एक सुपरहिट फिल्म है. अक्षय कुमार के अभिनय को "व्यंग्य" के रूप में वर्णित किया गया है, जो भारत में खुले में शौच की प्रचलित प्रथा है.

हममें से कइयों के लिए घर में टॉयलेट होना भले कोई बड़ी बात न लगती हो, लेकिन यह एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि आज भी हमारे देश में 58% भारतीय खुले में शौच को तरजीह देते हैं. निर्देशक श्री नारायण सिंह ने इस फिल्म के जरिए समाज को एक आईना दिखाने की कोशिश की.

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