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बाबरी मस्जिद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू

News Wing

New Delhi, 11 August: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले को लेकर शुक्रवार को सुनवाई शुरू हो गयी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के सात के बाद सुनवाई आज शुरू हुई. सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि अभी सभी दस्तावेजों का ट्रांस्लेशन नहीं हुआ है. इसमें कुछ और समय लग सकता है. इस पर कोर्ट ने ट्रांस्लेशन के लिए तीन महीने का वक्त दिया. बताते चलें कि मामले में कई पिटीशन डाले गए हैं. पिटीशन अरबी, उर्दू, फारसी और संस्कृत में हैं.

जल्द पूरी हो सुनवाई

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा. कोर्ट से उन्होंने आग्रह किया कि सुनवाई जल्दी हो. वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि सुनवाई सही प्रॉसेस से नहीं हो रही है. कोर्ट ने कहा कि मामले में कई पिटीशनर्स हैं इसलिए पहले यह साफ हो जाए कि कौन पिटीशनर किसकी तरफ से है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच ने मंदिर मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया था. फैसले में कहा गया था कि मंदिर की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांट दी जाए. फैसले के मुताबिक जिस जगह पर रामलला की मूर्ति है, उसे रामलला विराजमान को दे दिया जाए. राम चबूतरा और सीता रसोई वाली जगह निर्मोही अखाड़े को दे दी जाए. और बचा हुआ एक-तिहाई हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया जाए. 



इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या की विवादित जमीन पर दावा जताते हुए रामलला विराजमान की तरफ से हिन्दू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की. वहीं, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी. और भी कई पिटीशन दायर किए गए. इन सभी पिटीशन पर सुनवाई करतके हुए 9 मई 2011 को हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई. तब से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. 

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