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अस्पताल भेजी गयीं मेधा, 12 अन्य बैठे उपवास पर

NEWSWING DESK

DHAR, 8 AUGUST: सरदार सरोवर बांध से डूब में आने वालों के हक के लिए बेमियादी उपवास पर बैठीं नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर और अन्य छह को भले ही प्रशासन 12वें दिन सोमवार देर शाम बल प्रयोग कर जबरन उठाकर अस्पताल ले जाया गया हो, मगर उसी उपवास स्थल पर 12 लोगों ने फिर उपवास शुरु कर दिया है.

मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेधा पाटकर को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाये जाने की बात कही है. मेधा पाटकर व अन्य 11 लोग पूर्ण पुनर्वास के बाद ही विस्थापन की मांग को लेकर 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे थे.

सामाजिक संगठनों का भी मिल रहा साथ

चिखिल्दा में चल रहे मेधा के उपवास को विभिन्न दलों सहित सामाजिक संगठनों का भी साथ मिल रहा था. पिछले 12 दिनों से उपवास में बैठे सभी लोगों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी. उपवास पर बैठे लोगों की हालत को देखते हुए पुलिस प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई थी. भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ मौके पर एंबुलेंस भी ले जाई गई थी. आंदोलनकारियों को प्रशासन की गतिविधियों पर शक होने लगा था और चिखल्दा के उपवास स्थल पर लगातार भीड़ बढ़ने लगी थी. शाम होने तक प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर धार के जिलाधिकारी श्रीमन शुक्ला ने मेधा से कई बार बात की और उनसे उपवास को खत्म करने को कहा, मगर ऐसा नहीं हुआ तो शाम ढलते ही मेधा व उपवास पर बैठे अन्य लोगों को मौके पर मौजूद लोगों के विरोध के बावजूद जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया.

पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया

जानकारी के अनुसार पुलिस ने उपवास पर बैठे लोगों को जबरन उठाने का विरोध कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज भी किया और मंच व पडाल भी तोड दिये. हालांकि इससे आंदोलनकारियों का हौसला नहीं टूटा और 12 अन्य लोग फिर से उसी स्थान पर उपवास पर बैठ गये. मेधा पाटकर को बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य को इंदौर के एमवाय अस्पताल और धार के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है.

मुख्यमंत्री चौहान ने लिखा "मैं संवेदनशील व्यक्ति हूं"

मुख्यमंत्री चौहान ने सोमवार की रात को मेधा को अस्पताल ले जाए जाने के बाद कई ट्वीट किए. उनके अनुसार मेधा जी और उनके साथियों की स्थिति हाई कीटोन और शुगर के कारण चिंतनीय थी. उनके स्वास्थ्य और दीर्घ जीवन के लिए हम प्रयासरत हैं. मैं संवेदनशील व्यक्ति हूं. चिकित्सकों की सलाह पर मेधाजी व उनके साथियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, गिरफ्तार नहीं किया गया है. चौहान ने अन्य ट्वीट में लिखा है कि, मैं प्रदेश का प्रथम सेवक हूं और मैं सरदार सरोवर बांध के विस्थापित अपने प्रत्येक भाई-बहन के समुचित पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध हूं. विस्थापितों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने नर्मदा पंचाट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन के साथ 900 करोड़ का अतिरिक्त पैकेज देने का काम किया. सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले, हर संभव प्रयास किया गया है और यह प्रयास जारी है.

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