Skip to content Skip to navigation

नोटबंदी के बाद छापेखानों, पेपर मिल के विस्तार पर जोर

New Delhi, 07 August : अचानक लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद देश में नोट छापने की प्रणाली में बड़ा सुधार किया गया है. रिजर्व बैंक अाफ इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पिछले साल नोटबंदी के फैसले के बाद देश में मौजूद छापेखानों की काम करने की अधिकतम सीमा उजागर हुई. नये नोट की आपूर्ति में कमी के चलते महीनों तक लोगों को बैंकों और एटीएम बूथों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में दिन-दिन भर खड़े रहना पड़ा. इसे देखते हुए सरकार ने देश में नोट छापने वाले प्रेस और पेपर मिल के विस्तार, स्वदेशीकरण और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है.


नासिक व देवास के छापेखाने में लगेगी नई मशीन

नासिक और देवास के नोट छापेखानों में जहां 2018 के आखिर तक छपाई की नई मशीनें लगाई जाएंगी. वहीं मुद्रा छपाई में देश आत्मनिर्भरता हासिल करने और स्वदेशीकरण करने के उद्देश्य से दो नए पेपर मिल भी लगाए जाएंगे. सरकार में एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि हम नई छपाई प्रणालियां स्थापित करने जा रहे हैं. हम नासिक और देवास के मुद्रा छापेखानों की क्षमता में वृद्धि करने जा रहे हैं. इसमें दो वर्ष लगेंगे और यह 2018 तक पूरा होगा. जिसमें एक बार में 1,000 से 2,000 के नोट की छपाई अतिरिक्त शीट पर की जा सकेगी. मौजूदा मशीनों की क्षमता प्रति घंटा 8,000 शीट है.

Share

NATIONAL

News Wing

News Delhi, 22 October: केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद पिछले सा...

UTTAR PRADESH

News WingGajipur, 21 October : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने राष्ट्रीय स्...
News Wing Uttar Pradesh, 20 October: धनारी थानाक्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक इनामी बदमाश औ...
Website Designed Developed & Maintained by   © NEWSWING | Contact Us