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नेपोटिज्म पर बहस मेरी समझ से परे : शाहरुख खान

रीतू तोमर

नई दिल्ली, न्यूज विंग : हिंदी सिनेमा प्रेमियों के लिए रोमांस का पर्याय बन चुके 'किंग ऑफ रोमांस' शाहरुख खान का कहना है कि वह करियर की शुरुआत में एक्शन फिल्में करना चाहते थे. लेकिन कब रोमांटिक हीरो बन गए, खुद उन्हें भी पता नहीं चला. आजकल भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) पर छिड़ी बहस का जिक्र करने पर वह कहते हैं कि यह उनकी समझ से परे है. उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि मुझे यह कांसेप्कट बिल्कुल समझ नहीं आता और यह भी कि इस पर इतना विवाद क्यों हो रहा है. मेरे भी बच्चे हैं, वे जो बनना चाहते हैं बनेंगे. जाहिर है कि मैं इसमें उनके साथ हूं और रहूंगा.


मैं शो ऑफ में यकीन नहीं रखता

इंडस्ट्री में बीते 25 वर्षो का अनुभव साझा करते हुए शाहरुख खान ने आईएएनएस से कहा कि मैं शो ऑफ में यकीन नहीं रखता. मैंने इन 25 वर्षो में जो कुछ हासिल किया है, मुझे नहीं लगता कि इतनी शोहरत बटोरने की कोई ख्वाबों में भी सोच सकता है. छोटी सी चाहत लेकर काम करना शुरू किया था, लेकिन एक दिन पता चला कि यह चाहत मेरी सोच से ज्यादा बढ़ गई है. शाहरुख से द शाहरुख कब बन गया, पता ही नहीं चला. इन सालों में मेरे साथ ऐसी कई चीजें भी हुई हैं, जिनका मैं हकदार भी नहीं हूं. लेकिन उसका श्रेय भी मुझे मिलता रहा है. किंग ऑफ रोमांस की चर्चा करते हुए शाहरुख ने कहा कि मुझे जब पहली बार रोमांटिक फिल्म ऑफर हुअा था, तब मुझे लगा था कि ये मुझसे क्या कराया जा रहा है. मैं एक्शन फिल्में करना चाहता था, लेकिन आदित्य, करण और यश चोपड़ा सरीखे निर्देशकों ने मुझसे रोमांस कराया और कब ये टैग मुझसे जुड़ गया, पता ही नहीं चला.


मैंने रोमांस ब्रांड को बेचा नहीं है

शाहरुख कहते हैं कि उन्होंने रोमांस ब्रांड को बेचा नहीं है, बल्कि उस भावना को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है. क्योंकि उम्र के साथ प्यार की परिभाषा नहीं बदलती, बल्कि उस अहसास में बदलाव आ जाता है. शाहरुख ने समय के साथ संयम बरतना सीखा है, अब वह छोटी-छोटी बातों पर रिएक्ट नहीं करते. वह इस पूरी जर्नी में खुद के व्यक्तित्व में आए बदलाव के बारे में पूछने पर कहते हैं- मेरे अंदर सहनशक्ति बढ़ी है. संयम बरतना आ गया है. अच्छाई से दूर होना नहीं चाहता, तमाम तरह की नकारात्मकता परेशान नहीं करती. हर समय सीख रहा हूं और सबसे बड़ी बात अति आत्मविश्वासी नहीं हूं. मेरी सफलता का एक कारण यह भी है.


स्टारडम अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है

शाहरुख ने अपने करियर के दौरान जितनी शोहरत बटोरी हैं, उस तरह की शोहरत बटोरना किसी के लिए भी आसान नहीं है. उन्होंने इस स्टारडम भरी जिंदगी के बारे में पूछने पर कहा- स्टारडम अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. मैं इसे अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझता है. मैं बड़े दिल वाला हूं. मेरा मानना है कि 'बी ब्रेव और नथिंग टू लूज' एक चीज है और 'बी ब्रेव एंड यू हैव एवरीथिंग टू लूज' दूसरी चीज है और जब दूसरी वाली चीज होती है, तब आप बहुत कुछ हासिल कर पाते हो और यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है.

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