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चीनी सेना 'आक्रमणकारी शत्रुओं' को मात दे सकती है : शी जिनपिंग

बीजिंग, 30 जुलाई . डोकलाम में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा है कि चीनी सेना आक्रमणकारी शत्रुओं को हराने में सक्षम है.
इनर मंगोलिया के झूरिहे में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 90वां स्थापना दिवस पर एक मिलिट्री परेड को संबोधित करते हुए जिनपिंग ने कहा कि वह चाहते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी सेना और मजबूत हो ताकि वह वैश्विक शांति की रक्षा कर सके.
23 लाख जवानों वाली दुनिया की सबसे बड़ी सेना की कमान संभालने वाले चीनी राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे दृढ़ विश्वास है कि हमारी शानदार सेना के पास किसी भी आक्रमणकारी शत्रु को मात देने का आत्मविश्वास भी है और क्षमता भी."
चीन की सरकारी मीडिया, विशेषज्ञ और पूर्व राजनयिक भारत, चीन और भूटान की तिहरी सीमा से लगे डोकलाम में भारतीय सैनिकों की उपस्थिति की निंदा करते रहे हैं.
इसी साल जून में भारतीय जवानों ने डोकलाम में चीनी सैनिकों को सड़क निर्माण करने से रोक दिया था.डोकलाम पर भूटान भी अपना क्षेत्राधिकार जताता रहा है. उसके बाद से ही इलाके में दोनों सेनाओं के बीच तकरार की स्थिति है.
चीन इस बीच लगातार भारत से अपने जवानों को हटाने के लिए कहता रहा है और ऐसा न करने पर सैन्य भिड़ंत की धमकी भी देता रहा है.
मिलिट्री परेड के दौरान जिनपिंग ने रविवार को कहा कि चीन की सेना किसी भी युद्ध के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, "हमारी सेना के पास एक मजबूत सैन्य शक्ति बनने, एक महान राष्ट्र के रूप में कायाकल्प करने के चीन के सपने को साकार करने तथा विश्व में शांति की रक्षा करने का आत्मविश्वास और काबिलियत है."जिनपिंग ने इस दौरान खुली जीप में चीन के सबसे बड़े सैन्य अड्डे का निरीक्षण किया और कहा कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और चीन की जनता को चीनी सेना पर गर्व है.

इस परेड में चीनी सेना के 12,000 से अधिक जवानों ने हिस्सा लिया और विविध सैन्य आयुधों का भी प्रदर्शन किया गया.
जिनपिंग ने कहा, "पूरी दुनिया में अभी शांति स्थापित नहीं है, और शांति की सुरक्षा अवश्य होनी चाहिए."

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