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भारत दौरे पर आ रहे इराकी मंत्री, लापता भारतीयों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली, 23 जुलाई : इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल-जाफरी सोमवार को भारत के पांच दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं तथा दोनों देशों के बीच इस दौरान होने वाली चर्चा में इराक के संघर्षरत मोसुल में तीन साल पहले लापता हुए 39 भारतीय नागरिकों का मुद्दा अहम होगा. भारत दौरे पर जाफरी भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ चर्चा करेंगे.

सुषमा ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि इराक में लापता 39 भारतीयों के हाल ही में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के कब्जे से आजाद कराए गए मोसुल में एक जेल में कैद होने की आशंका है.

सुषमा ने कहा था कि नौ जुलाई को मोसुल की आईएस से आजादी के बाद लापता भारतीयों की तलाश और रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा था कि मूलत: पंजाब के रहने वाले इन 39 लापता भारतीयों के बादुश में एक जेल में कैद होने की आशंका है.

मामले की पड़ताल के लिए विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह को इरबिल भी भेजा गया था.

वी. के. सिंह लापता भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाने 12 जुलाई को मोसुल के पेशमर्गा मोर्चे भी गए थे. सिंह ने बताया था कि पेशमर्गा से अभी भी आईएस आतंकियों को खदेड़ा जा रहा है. उन्होंने वहां इराक के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की थी.

समाचार पत्र 'हिंदुस्तान टाइम्स' की एक रिपोर्ट में हालांकि कहा गया था कि बादुश की जेल पूरी तरह ढह चुकी है और वहां किसी भारतीय के होने का कोई संकेत नहीं है.

सुषमा स्वराज भारतीय नागरिकों के जून, 2014 में लापता होने के बाद से उनके परिजनों से 10 से अधिक बार मिल चुकी हैं और आश्वासन देती रही हैं कि सरकार उनकी तलाश के लिए हर कदम उठा रही है. सुषमा ने यह भी कहा है कि उन्हें कई महीनों से लगातार ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि लापता भारतीय नागरिक जीवित हैं.

लापता भारतीय नागरिकों के मुद्दे के अलावा सुषमा और इराक के विदेश मंत्री दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें आपसी हित के क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे भी शामिल होंगे.

भारत दौरे पर जाफरी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान से भी मुलाकात करेंगे और उसके बाद उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी से मिलेंगे.

जाफरी बुधवार को मुंबई के लिए रवाना होंगे.

भारत और इराक के बीच 2016-17 में 13 अरब डॉलर का कारोबार हुआ. भारत की ऊर्जा सुरक्षा में भी इराक का अहम योगदान है और भारत को कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

भारत से हर साल नजफ और कर्बला की तीर्थ यात्रा के लिए हजारों की संख्या में लोग इराक की यात्रा करते हैं.

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