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भारत जल्द ही दाल, तिलहन में आत्मनिर्भर हो जाएगा : मंत्री

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने रविवार को कहा कि भारत अगले कुछ वर्षो में दाल और तिलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए उन्नत बीजों और नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को श्रेय दिया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की स्थापना के 89वें वर्षगांठ पर उन्होंने कहा कि सरकार ने मृदा सेहत कार्ड, एग्रो-फॉरेस्ट्री, एकीकृत कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में अनेकों योजनाएं शुरू की हैं, जिससे न सिर्फ दाल और तिलहन के उत्पादन में आत्म-निर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों की आय भी दोगुनी हो जाएगी।

राधा मोहन सिंह ने कहा, "जब हम सत्ता में आए देश लगातार चार वर्षो से सूखे से जूझ रहा था, जो आजादी के बाद पहली बार हुआ था। इसके बावजूद देश में इस साल रिकॉर्ड खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। हमने उन्नत किस्मों के बीज मंगवाए और सिंचाई की सुविधाओं में सुधार किया।"

उन्होंने कहा, "अगर इसी तरह कुछ साल खाद्यान्न उत्पादन होता रहा तो हम अगले दो-तीन साल में दाल और तिलहन में आत्म-निर्भर हो जाएंगे।"

वित्त वर्ष 2015-16 में भारत ने अपने कुल खाद्य तेल का 63 फीसदी आयात किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 में देश में उपभोग के उपलब्ध खाद्य तेल का भंडार 234.5 लाख टन था, जिसमें से 148.20 लाख टन खाद्य तेल आयात किया गया था।

इसी तरह 2015-16 में 58.8 लाख टन दालें आयात की गईं, क्योंकि देश का वार्षिक उत्पादन घटकर 163.5 लाख टन रह गया था।

सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष रिकॉर्ड 325.20 लाख टन तिलहन के उत्पादन का अनुमान है, जबकि 224.0 लाख टन दाल के उत्पादन का अनुमान है।

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