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जीएसटी के विरोध में दिल्ली की 50000 कपड़ा दुकानें बंद रहेंगी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के विरोध में कपड़ों की करीब 50,000 थोक दूकानें बंद रहेंगी। जीएसटी को एक जुलाई से लागू किया जा रहा है। थोक कपड़ा व्यापारियों के संगठन, दिल्ली हिन्दुस्तानी कपड़ा संघ के उपाध्यक्ष भगवान बंसल ने कहा कि जीएसटी से छूट के लिए की जा रही कपड़ा व्यापारियों की यह राष्ट्रीय हड़ताल गुरुवार तक जारी रहेगी।

उन्होंने कहा यहां चांदनी चौक पर हजारों कपड़ा व्यापारी जुटेंगे और जीएसटी के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

बंसल ने कपड़ा व्यापारियों के लिए जीएसटी से एक साल की छूट देने की मांग की और कहा कि जीएसटी लागू करने से पहले कपड़ा व्यापारियों को पहले विधिवत प्रशिक्षण मुहैया कराना चाहिए।

बंसल ने कहा कि कपड़ा व्यापारी जीएसटी शासन से परिचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कर नीति को लागू करने की इतनी जल्दी क्यों है।

बंसल ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी को लागू करने की अपनी नीति के बारे में स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो वे हड़ताल को अनिश्चित समय तक जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि कपड़ा व्यापारियों की इस तीन दिवसीय हड़ताल में देश भर के कपड़ा व्यापारी शामिल होंगे।

सरकार ने जीएसटी के तहत रेडीमेड कपड़ों पर 12 फीसदी का कर लगाया है। इसके अलावा प्राकृतिक यार्न और कपास पर पांच फीसदी तथा कृत्रिम यार्न पर 18 फीसदी कर लगाया है।

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