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टीवी ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रहा : साइरस

नई दिल्ली: अभिनेता एवं वीजे साइरस साहूकार कॉमेडी से थोड़ा समय निकालकर जल्द ही ट्रैवल शो में नजर आने वाले हैं। यह शो दो दोस्तों पर आधारित है, जो सड़क मार्ग से होते हुए धर्मशाला से स्पीति का दौरा करते हैं। इस शो को टीवी पर उनकी नई पारी के तौर पर देखा जा रहा है। साइरस कहते हैं, टीवी में अगले तीन वर्षो में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहे हैं, जिससे लोगों का टीवी की ओर रुझान और बढ़ने वाला है।

चैनल फॉक्स लाइफ के नए शो 'ग्रेट एस्केप विद कुणाल एंड साइरस' के प्रचार के लिए नई दिल्ली पहुंचे साइरस ने आईएएनएस को बताया, "इसे सिर्फ शो कहना सही नहीं होगा, बल्कि यह दो दोस्तों की कहानी है। पहले मुझे पता ही नहीं था कि इस शो में मेरे साथ कुणाल होगा, जिसे मैं पिछले 20 वर्षो से जानता हूं। करीबी दोस्त के साथ इस तरह की बेहतरीन ट्रिप पर जाने के मौके कम ही मिलते हैं, यही वजह रही कि मैंने यह शो किया।"

साइरस अपनी इस यात्रा के बारे में बताते हैं, "यह ट्रिप आसान नहीं थी। हमें 15 से 17 घंटे तक ट्रैवलिंग कर एक जगह से दूसरी जगह जाना था। रास्ते खतरनाक थे, लेकिन जगहें खूबसूरत थीं, इसलिए कभी थकान नहीं हुई। इस दौरान सबसे अच्छी बात यह रही कि हर चार घंटे की दूरी पर पहनावा, भाषा सहित सब कुछ बदल जाता था जो ताजगी देता था।"

वह कहते हैं, "मेरा मानना है कि हर शख्स को अपनी जिंदगी में एक बार इस तरह की ट्रिप पर जाना चाहिए लेकिन पूरी तैयारी के साथ।"

साइरस की इस ट्रिप का एक खूबसूरत पड़ाव था 'हिक्किम' जो विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित डाकघर है। इस अनुभव को साझा करते हुए वह कहते हैं, "हिक्किम का दौरा अविस्मरणीय रहा। यह विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित डाकघर है और यहां सिर्फ एक ही डाकिया है जो सप्ताह में दो बार 40 किलोमीटर से अधिक का सफर कर चिट्ठियां बांटता है। इस इलाके से तीन से चार गांवों में संवाद का एकमात्र तरीका यह डाकघर ही है, क्योंकि वहां फोन काम नहीं करते। इस डाकिए की खास बात यह है कि यह डाकिया 40 घरों में जाता है और उन्हें उनकी चिट्ठियां देता है और बदले में 40 कप चाय पीता है।"

साइरस का टीवी के साथ एक खास रिश्ता हैं, वह टीवी को अपनी प्राथमिकताओं में से एक बताते हैं। वह कहते हैं, "मैंने जब टीवी करना शुरू किया था, उस समय से अब की तुलना में टीवी में खासा बदलाव आया है। अब टीवी का स्वरूप बढ़ा है। वेब सीरीज और नेटफ्लिक्स के दौर में भी टीवी का वजूद बना हुआ है।"

वह टीवी को इंटरनेट से मिल रह चुनौती के बारे में पूछने पर कहते हैं, "लोगों की यह धारणा गलत है कि इंटरनेट के इस्तेमाल के बाद टीवी देखना कम हो गया है या लोगों ने इसे देखना बंद कर दिया है। टीवी में भी चीजें तेजी से बदल रही हैं और अगले तीन वर्षो में यहां ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेंगे। आगे आने वाले समय में सभी चीजें मर्ज हो जाएंगी।"

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