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भारत ने फिलिस्तीन समस्या के राजनीतिक समाधान के प्रति समर्थन दोहराया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की और फिलिस्तीन समस्या के राजनीतिक समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए फिलिस्तीन तथा इजरायल के बीच जल्द वार्ता शुरू होने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात के बाद भारत के रुख को दोहराया। महमूद ने इजरायल के साथ फिलिस्तीन के मुद्दों को सुलझाने के लिए सोमवार को भारत की मदद मांगी थी।

मंगलवार को हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

दोनों देशों के बीच मंगलवार को हुए समझौतों में कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य और युवा मामले एवं खेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग से संबंधित समझौते शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अब्बास के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति प्रक्रिया पर गहन विचार-विमर्श किया।"

मोदी ने कहा, "हमारे बीच इस बात पर सहमति बनी है कि पश्चिम एशिया की चुनौतियों का हल सतत राजनीतिक बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से निकाला जाना चाहिए। भारत उम्मीद करता है कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच व्यापक समझौता हासिल करने के लिए जल्द से जल्द फिर से वार्ता शुरू हो।"

अब्बास ने सोमवार को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में अपने संबोधन में कहा कि लोग इजरायल और फिलिस्तीन विवाद में मोदी की कार्यशैली से मदद लेकर इसका निपटारा करेंगे, जो दुनिया के उस हिस्से में आतंकवाद से मुकाबले में मदद करेगा।

मोदी ने कहा, "भारत मजबूती से फिलिस्तीन के मुद्दों का समर्थन करता रहा है। हम शांतिमय इजरायल के साथ-साथ संप्रभु, स्वतंत्र, एकजुट और विकास की ओर बढ़ने वाले फिलिस्तीन की उम्मीद करते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि फिलिस्तीन में बुनियादी ढांचा विकसित करने में भारत अपना सहयोग जारी रखेगा और फिलिस्तीन के लोगों के जीवन में सुधार के लिए सहयोग करता रहेगा।

मोदी ने कहा, "हम फिलिस्तीन को विकास और कौशल विकास के प्रयासों में सहयोग देते रहेंगे।"

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मंगलवार को हुई वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जो फिलिस्तीन के साथ संबंधों को मजबूती प्रदान करने की मंशा की पुष्टि करता है।

प्रधानमंत्री ने इसके अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का आह्वान भी किया और इच्छा जाहिर की कि अगले महीने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में फिलिस्तीन भी हिस्सा ले।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति अब्बास ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के मुद्दों का लगातार समर्थन करने के लिए भारत की सराहना की।

अब्बास ने कहा कि उन्होंने मोदी को मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत से अवगत कराया। ट्रंप के अलावा मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को लेकर जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टीनमीयर और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई बातचीत की भी मोदी को जानकारी दी।

अब्बास ने आतंकवाद के हल स्वरूप और उसे बढ़ावा देने की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हर स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के प्रति समर्थन जताया।

इससे पहले अब्बास का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने इससे पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

अब्बास भारत के चार दिवसीय दौरे पर रविवार को यहां पहुंचे। यह उनका पांचवा भारत दौरा और तीसरा राजकीय दौरा है। वह 2008 और 2012 में राजकीय दौरे पर यहां आ चुके हैं।

उनके साथ नई दिल्ली आए प्रतिनिधिमंडल में फिलिस्तीन के उपप्रधानमंत्री जाएद अबू अम्र, विदेश मंत्री राएद माल्की, कूटनीतिक सलाहकार मजदी खालदी, राष्ट्रपति के प्रवक्ता नबील अबुरदेनेह और फिलिस्तीन के मुख्य न्यायाधीश महमूद हब्बास शामिल हैं।

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