Skip to content Skip to navigation

जेपी की सहयोगी जामवंती देवी का 105 की उम्र में निधन

बांका (बिहार): लोकनायक जयप्रकाश नारायण की सहयोगी और उनकी पत्नी प्रभावती देवी के साथ उनके विचारों को पदयात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने वाली जामवंती देवी का सोमवार शाम अपने पैतृक गांव बांका जिले के राजातोर में निधन हो गया। वह 105 वर्ष की थीं। जामवंती देवी ने जेपी और उनकी पत्नी प्रभावती देवी संग मिलकर जेपी की विचारधारा को समाज के बीच गांव-गांव पदयात्रा कर लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

बांका जिले के शंभुगंज प्रखंड स्थित राजातोर गांव निवासी योगेंद्र नारायण सिंह उर्फ पहलमानजी की पत्नी जामवंती देवी ताउम्र समाजिक कार्यो से जुड़ी रहीं। जामवंती देवी अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके परिवार में वीणा सिंह, करुणा सिंह, निर्मल सिंह, हेमंत सिंह, शंभू सिंह सहित दर्जनों नाती, पोते और परपोते हैं।

जामवंती देवी प्रभावती देवी, सवरेदयी आचार्य राममूर्ति भाई, स्वतंत्रता सेनानी पार्वती देवी, बांका की पहली सांसद शकुंतला देवी, कांगेसी नेता और स्वतंत्रता सेनानी सियाराम सिंह के साथ मिलकर स्वतंत्रता आंदोलन में प्राण फूंकने का काम किया था।

जानकार बताते हैं कि अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति जामवंती देवी के आवास पर ही तय होती थी। देश की स्वतंत्रता के बाद जामवंती देवी बिनोवा भावे के भूदान आंदोलन से जुड़ीं और लोगों के बीच घूम-घूम कर जमींदारों और भू-पतियों से गरीबों के लिए भूदान करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए जीवनभर खादी ग्रामोद्योग से जुड़ी रहीं। खुद चरखा चलाकर सूत कातती थीं और उसी से बने वस्त्र पहनती थीं। वह मानती थीं कि समाज का सर्वागीण विकास तभी होगा, जब लोग सरकार की योजना से जुड़ेंगे। सरकार भी ऐसी योजना बनाए, जिससे सबका विकास हो।

जामवंती देवी के निधन की खबर सुनकर बड़ी संख्या में आसपास के लोग, राजनेता और समाजसेवी उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

उनके पौत्र शंभू सिंह ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को सुल्तानगंज में गंगातट स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा।

Top Story

लॉस एंजेलिस: पॉप गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स के उस वक्त होश उड़ गए, जब वह रसोई में खड़ी थी और किसी ने...

नई दिल्ली: देश के खादी फैशन हाउस को मजबूती देने के लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म,...

नई दिल्ली: फिल्मकार एस.एस. राजामौली के दिमाग में साल 2012 में आए विचार ने भारतीय सिनेमा को एक अभू...

मुंबई: सचिन तेंदुलकर के जीवन पर बनीं फिल्म 'सचिन : अ बिलियन ड्रीम्स' देखकर लोग क्रिकेट के मास्टर...

loading...