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मोदी की मौजूदगी में नर्मदा प्रदूषित होगी : कांग्रेस

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार की 'नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा' के समापन मौके पर अमरकंटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सोमवार को होने वाले भव्य आयोजन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी पार्टी का कहना है कि सांस्कृतिक आयोजन के नाम पर श्री श्री रविशंकर ने दिल्ली में यमुना नदी को प्रदूषित किया था, अब वही हाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अमरकंटक में नर्मदा नदी का होने वाला है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा, "नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने का दावा किया जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। स्वयं मुख्यमंत्री 15 मई को अमरकंटक में मोदी के सामने अपना कद दिखाने के लिए अमरकंटक जैसी पवित्र नगरी और नर्मदा तट को प्रदूषित करने जा रहे हैं।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "एक तरफ सरकार के संरक्षण में नर्मदा में रेत का अवैध खनन हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के रिश्तेदार संलिप्त हैं और दूसरी तरफ इस काले धंधे पर पर्दा डालने के लिए पूरे तामझाम के साथ सेवा यात्रा का नाटक रचा जा रहा है। नर्मदा को छलनी करने वालों और घोटालों के सरताज शिवराज को शाबाशी देने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री आ रहे हैं, जो कहते हैं 'न खाऊंगा और न खाने दूंगा'।"

उन्होंने कहा, "समाज के प्रमुख लोग बात नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की करते हैं। जनता से कहते हैं कि नदी हमारी मां है, जीवनदायनी है, उसे प्रदूषित मत करो। वहीं दूसरी ओर सत्ता के शीर्ष पदों पर बैठे ये मठाधीश खुद इन नदियों को प्रदूषित करने का खुलेआम प्रदर्शन कर रहे हैं।"

सिंह ने कहा, "दिल्ली में सांस्कृतिक आयोजन के जरिए श्री श्री रविशंकर ने यमुना को प्रदूषित किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी गए थे। एनजीटी ने रविशंकर पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं श्री श्री रविशंकर ने नर्मदा सेवा यात्रा में हमारे प्रदेश की जनता से नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने की बात कही। ऐसा ही कुछ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अमरकंटक में होने वाला है, जहां जुटने वाले पांच लाख लोग अमरकंटक या नर्मदा नदी को प्रदूषित करेंगे और मुख्यमंत्री शिवराज वाहवाही लूटेंगे।"

नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि अमरकंटक में कार्यक्रम के आयोजन के लिए 51 जिलों से 5311 बसों पर 53 करोड़ 11 लाख और प्रति व्यक्ति को प्रशिक्षण के नाम पर 500 रुपये के मान से 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इसके अलावा लगभग पांच लाख लोगों के लिए बोतलबंद पीने के पानी, चार वक्त के खाने और तीन वक्त के नाश्ते पर ही 50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री की सुरक्षा तथा अन्य तामझाम व अन्य वीआईपी पर 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो रहा है।

सिंह ने आगे कहा कि दिखावे के नाम पर 125 करोड़ रुपये वह सरकार खर्च करने जा रही है, जो खुद एक लाख 62 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी है, लेकिन प्रदेश को स्वर्णिम बनाने का दावा कर रही है।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन को दिए गए लक्ष्य के आधार पर पत्र जारी किए गए हैं। उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा भेजे गए इन पत्रों के आधार पर परिवहन व जिलाधिकारियों ने वाहन आदि की व्यवस्था के लिए सरकार से धनराशि की मांग की।

अशोकनगर के जिला परिवहन अधिकारी के पत्र में 40 यात्री वाहनों के लिए 19 लाख और सिंगरौली के जिलाधिकारी ने 200 वाहनों के लिए 86 लाख साठ हजार रुपये शासन से मांगे हैं।

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