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मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपों का सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में हुए भ्रष्टाचार का आरोप आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक पर लगाते हुए नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पीडब्ल्यूडी विभाग के एक सहायक अभियंता द्वारा दिल्ली पुलिस को लिखी चिट्ठी को लहराते हुए कहा कि अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उनकी जान को खतरा है।

तिवारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नांगलोई के सहायक पुलिस आयुक्त को लिखे अपने खत में अभियंता ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में निरीक्षण के दौरान उन्होंने तीन लोगों को पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित एक नाली को तोड़ते देखा।"

भाजपा नेता ने कहा, "अपनी शिकायत में अभियंता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने तीनों लोगों को नाली तोड़ने से मना किया, तभी उन्हें रेणु कंस्ट्रक्शन के विनय कुमार का कॉल आया, जिन्होंने उन्हें तीनों लोगों को नाली तोड़ने से मना न करने को कहा।" उन्होंने कहा कि कंपनी केजरीवाल के साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल की है, जिनका पिछले सप्ताह निधन हो गया।

उन्होंने कहा, "अभियंता ने कहा कि फोन करने वाले शख्स ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।"

तिवारी ने सवाल किया, "क्या केजरीवाल के साढ़ू माफिया थे? क्या उन्हें काम इसलिए मिला, क्योंकि केजरीवाल मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे?"

उन्होंने कहा, "केजरीवाल को इन सब सवालों का जवाब देना चाहिए।"

आप के संयोजक पर एक चुटकी लेते हुए तिवारी ने कहा, "इन्हीं सब सवालों के जवाब के लिए कपिल मिश्रा धरने पर बैठे हैं। कृपया धरना राजनीति से ऊपर उठिए।"

तिवारी ने कहा, "केजरीवाल को अपने घर से बाहर आना चाहिए और जवाब देना चाहिए, क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं और सभी भ्रष्टाचार उनके निर्देशों पर हो रहे हैं और अधिकारियों को धमकियां मिल रही हैं।"

केजरीवाल के नाक के नीच भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "केजरीवाल या उनके कोई मंत्री क्यों जवाब नहीं दे रहे हैं? अब उनकी नैतिकता कहां गई?"

भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार शहर के करदाताओं के पैसे 'लूट' रही है।

तिवारी ने कहा कि आप के पास सत्ता पर काबिज रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है और उसे इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि लोगों का सरकार व लोकतंत्र में विश्वास बना रहे।

उल्लेखनीय है कि बीती नौ मई को दिल्ली की अपराध रोधी शाखा (एसीबी) ने 10 करोड़ रुपये के कथित घपले के मामले में केजरीवाल के दिवंगत साढ़ू तथा पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ तीन प्राथमिकियां दर्ज कीं।

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