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कौशल विकास के क्षेत्र में छह दशक तक युवाओं से धोखा हुआ : रुडी

भोपाल: केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रुडी ने कौशल विकास को लेकर अपनाई गई नीतियों का जिक्र करते हुए कांग्रेस का नाम लिए बगैर हमला बोला और कहा कि इस दिशा में छह दशक से युवाओं के साथ धोखा होता रहा, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग मंत्रालय बनाकर कौशल और श्रम को सम्मानजनक स्थान दिलवाया है। कौशल प्रशिक्षण के प्रति युवाओं में जागरूकता लाने और उन्हें कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करने के लिए रोजगार की पढ़ाई - 'चलें आई़ टी़ आई़ अभियान' का गुरुवार को यहां शुभारंभ करते हुए रुडी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'स्किल्ड इंडिया' की कल्पना को मध्यप्रदेश में पूरी क्षमता और दक्षता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत हमेशा से कौशल सम्पन्न देश रहा है। कौशल सम्पन्न लोगों ने ही आम जिंदगी को आरामदायक और सरल बनाया है। भारत को कौशल सम्पन्न जनशक्ति बनने की जरूरत है। इस दिशा में पिछले छह दशक में ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री ने अलग मंत्रालय बनाकर कौशल और श्रम को सम्मानजनक स्थान दिलवाया है।

उन्होंने कहा, "शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी चलना चाहिए। कौशल विकास की दिशा में मध्यप्रदेश ने सबसे पहले काम शुरू किया है और इस दिशा में अन्य राज्यों से काफी आगे बढ़ गया है।"

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना से अनुबंध कर सेना के सेवानिवृत कौशल सम्पन्न जवानों को भी प्रशिक्षण देने के काम में संलग्न किया जाएगा।

केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा, "पिछले छह दशकों में देश के युवाओं के साथ धोखा होता रहा। उनके कौशल विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में सबसे अच्छा काम चल रहा है।"

उन्होंने राज्य सरकार के इस फैसले की भी सराहना की, जिसके अनुसार आठवीं और दसवीं पास आई़टी़आई के बच्चों को दसवीं और बारहवीं के समकक्ष माना जाएगा।

इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर, सांसद आलोक संजर भी उपस्थित थे।

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