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नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक जंग की तैयारी, डोभाल लेंगे बैठक

जगदलपुर: सुकमा स्थित बुरकापाल में नक्सलियों के हमले में शहीद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवानों की शहादत के बाद सरकार ने नक्सलियों को उनके ही मांद में घुसकर मुंहतोड़ जवाब देने का फैसला किया है। इस संबंध में दो मई को राज्य के आला अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। (19:17)
बस्तर संभाग के आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा, "नक्सलियों के खिलाफ पलटवार और नई रणनीति के लिए दो मई को राजधानी रायपुर में आला अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद होंगे।"

बताया जाता है कि सरकार ने आरपार की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि सर्जिकल स्ट्राइक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अजीत डोभाल को इसकी रणनीति बनाने की कमान सौंपी गई है।

बस्तर आईजी सिन्हा ने बीजापुर से फोन पर कहा, "बस्तर में तैनात फोर्स को सड़क निर्माण से हटाकर नक्सल इलाकों में भेजा गया है। फोर्स अब रोड ओपनिंग नहीं करेगी। सीधे नक्सलियों से मोर्चा लेगी। फोर्स लगातार अंदरूनी इलाकों में गश्त कर रही है। ऑपरेशन क्लीन चलाकर अटैक की रणनीति पर काम किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "मैं अभी बीजापुर में हूं। यहां आंतरिक सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार बस्तर पहुंच गए हैं। डीजी नक्सल ऑपरेशन के साथ जिला मुख्यालयों में फोर्स के साथ बैठक हो रही है। नक्सलियों को उनके ही मांद में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।"

आईजी सिन्हा ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से बस्तर के ताजा हालात की जानकारी ली है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को नक्सल समस्या को हैंडल करने का निर्देश दिया है। उनके ही निर्देश पर आंतरिक सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार, जिन्होंने चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराया था, उन्हें तथा डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी को बस्तर में रहकर केंद्रीय बल और राज्य पुलिस बल को नक्सलियों पर हमले तेज करने और आपसी तालमेल बनाकर हर हाल में नक्सली नेटवर्क पर अंकुश लगाने को कहा गया है।"

सिन्हा ने कहा, "आगामी दो मई को अजीत डोभाल नई दिल्ली से वीडिओ क्रांफ्रेसिंग से बस्तर तथा राज्य के आला अफसरों से नक्सलवाद के संदर्भ में चर्चा करेंगे, जिसके लिए अफसरों का जमावड़ा राजधानी में होगा। कांफ्रेंस में खासकर बस्तर के आईजी, डीआईजी सहित सभी सात जिले के कलेक्टर, एसपी को रायपुर बुलाया गया है। इसके अलावा सीआरपीएफ एवं भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अफसर भी बैठक में शामिल होंगे।"

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नक्सलियों से वार्ता नहीं सीधा मुकाबला होगा। 25 जवानों की शहादत के बाद अब हर हाल में नक्सलियों पर बड़े हमले करने को कहा गया है। डीएम अवस्थी बस्तर में कैंप कर आईजी, डीआईजी और एसपी के साथ फोर्स का मनोबल बढ़ाकर सीधे अटैक करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

बस्तर को विशेष कार्यबल का केंद्र बनाने पर भी आला अधिकारी रणनीति तैयार कर रहे हैं। वहीं एसटीएफ की कमान केंद्रीय सुरक्षा बल को सौंपी जाएगी, जिसमें राज्य के आला अफसरों को शामिल किया जाएगा।

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