Skip to content Skip to navigation

न्यूज विंग के जागरूक पाठक अपनी समस्या, अपने आस-पास हो रही अनियमितता की तस्वीर या कोई अन्य खबर फोटो के साथ वाहट्सएप नंबर - 8709221039 पर भेजे. हम उसे यहां प्रकाशित करेंगे.

यूनिटेक के प्रबंध निदेशक 20 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने गुरुवार को रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक के प्रबंध निदेशक चंद्रा बंधुओं को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी आशु गर्ग ने यूनिटेक के प्रबंध निदेशकों संजय चंद्रा तथा अजय चंद्रा को 20 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सरकारी वकील अनिल पासवान ने कहा कि दिल्ली पुलिस को अब आरोपियों की हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है, जिसके बाद अदालत ने उन्हें हिरासत में भेज दिया।

इस बीच, संजय चंद्रा ने जांच में सहयोग करने तथा न्याय से न भागने की बिना पर जमानत की मांग की।

वकील पासवान द्वारा जमानत याचिका का विरोध करने पर अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

चंद्रा बंधुओं पर गुरुग्राम के सेक्टर 70 में रियल एस्टेट परियोजना को समय पर पूरा नहीं करने तथा खरीदारों को पैसे वापस न करने को लेकर खरीदारों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार रात दोनों को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद शनिवार को यहां एक अदालत ने उन्हें दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

परियोजना के संबंध में चंद्रा बंधुओं के खिलाफ 90 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। परियोजना के लिए संबंधित अधिकारियों से मंजूरी तक नहीं ली गई थी।

परियोजना को साल 2014 में ही पूरा होना था।

आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी तथा आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज किया गया।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत से कहा कि एंथिया फ्लोर्स रेसिडेंसियल प्रोजेक्ट के लिए यूनिटेक कंपनी ने 557 ग्राहकों से कथित तौर पर 363 करोड़ रुपये की उगाही की।

यह भी आरोप है कि टाउनशिप के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों ने उनके लाइसेंस को मंजूरी नहीं दी।

पर्यावरण विभाग से मंजूरी लिए बगैर प्रोजेक्ट को साल 2011 में शुरू किया गया था। यूनिटेक ने साल 2013 में पर्यावरण मंजूरी ली।

पासवान ने अदालत से कहा कि पर्यावरण मंजूरी मिले बगैर आरोपी फ्लैटों की बुकिंग करते रहे और उन्होंने निवेशकों को सही जानकारी तक नहीं दी और इस प्रकार तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया।

उल्लेखनीय है कि साल 2015 में अदालत ने धनराशियों के दुरुपयोग के एक मामले में उन्हें गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

संजय चंद्रा 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं और वर्तमान में इस मामले में जमानत पर बाहर हैं।

Top Story
Share
loading...

RAMGARH

गिरफ्तार लोगों में मुखिया पति और जिप सदस्य का भाई भी शामिल...

HAZARIBAG

News Wing

Hazaribag, 21 November: केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के होम टा...