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आदिवासियों का एक दुश्‍मन 'आदिवासी क्रीमी लेयर' भी - आजसू पूर्व अध्‍यक्ष, विनोद भगत

:: आजसू के पूर्व अध्यक्ष विनोद भगत से न्‍यूज विंग संपादक किसलय की कैमरे पर बातचीत ::
एक ओर जहां आजसू पार्टी भाजपा की सरकार में सहयोगी दल है वहीं उसी आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड अलग राज्य आंदोलन के बहुचर्चित युवा नेता विनोद भगत रांची के मोराबादी मैदान स्थित सब्जी बाजार में आलू प्याज बेच रहे हैं। न्यूज विंग ने उनके साथ कई दौर में बात करके यह इंटरव्यू तैयार किया है।
कुछ खास बिंदु जिसपर विनोद भगत ने अपना मत रखाः
झारखंड बनने के सोलह साल बाद भी बदहाली है। मुख्य कारण है कि यहां की राज्य सरकारों पर कॉरपोरेट जगत का कब्जा होने लगा, जो एकीकृत बिहार के जमाने में नहीं हो सका था।
इस हालात के लिए यहां सरकार में शामिल आदिवासी मंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक और नौकरशाह भी दोषी हैं।
विनोद कहते हैं, अगर आदिवासियों के ये संपन्न क्रीमी लेयर नहीं सुधरे तो जनता इनके खिलाफ वही आक्रामक रूख अपनायेगी जैसा इस साल की शुरूआत में झारखंड के मुख्यमंत्री के खिलाफ खरसावां में जनता का गुस्सा दिखा था। विनोद कहते हैं कि वे ऐसे क्रीमी लेयर आदिवासी लोगों की सूची बनाकर जग जाहिर करेंगे और राज्यपाल व राष्ट्रपति से अपील करेंगे कि इनको आदिवासी के नाम पर मिलनेवाली सुविधाएं रोक दी जाये।
विनोद कहते हैं, पिछले डेढ़ दशक में झारखंड का 70 फीसदी जड़ जोड़ू जमीन लुट चुकी है। यहां के युवा उन धनाढ्य कॉरपोरेट घरानों के बहकावे में स्वार्थी होते जा रहे हैं। विनोद ने वर्तमान आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेन्ट्स यूनियन) पार्टी पर भी जोरदार हमला किया। विनोद ने कहा कि सुदेश महतो की अध्यक्षता वाली वर्तमान आजसू विचारधारा से भटक चुकी है। शुरूआत के आजसू का चरित्र था जनहित में कुर्बानी देने का और आज का आजसू नेता स्वार्थ के लिए जनता की कुर्बानी देने पर उतारू हैं।
जरूर सुनिये यह इंटरव्यू, थोड़ा लम्बा जरूर है, उबाउ बिल्कुल नहीं.. Click to Watch

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