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संगमा ने प्रणव दा को दी बहस की चुनौती, ममता खामोश

नई दिल्‍ली: राष्‍ट्रपति पद के उम्‍मीदवार पीए संगमा ने यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति चुनाव से पहले खुली बहस की चुनौती दी है। संगमा का मानना है कि स्वस्‍थ लोकतंत्र के लिए बहस की बेहद जरूरत है। संगमा को भाजपा, अन्नाद्रमुक और बीजद का समर्थन मिला है, जबकि ममता बनर्जी से समर्थन की संभावना कम होती जा रही है।

संगमा ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को चुनने का अधिकार है। भारत अभी नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। घोटालों की बाढ़ सी आ गई है। ऐसे मौके पर एक जिम्मेदार नेता ही मुल्क को सही दिशा में ले जा सकता है।

इधर, शुक्रवार को, संगमा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन ममता ने व्यस्तता का बहाना बना कर उनको समय नहीं दिया। संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी का ममता ने विरोध किया। इससे संगमा को उम्मीद जगी थी कि कही ममता उनका समर्थन कर देंगी। आज की घटना के बाद यह माना जा सकता है कि राष्ट्रपति की उम्मीदवारी के मसले पर संगमा को ममता का समर्थन नहीं मिल सकेगा। उधर अपने राजग सहयोगियों के विरोध के बावजूद भाजपा ने संगमा की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।

यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के पक्ष में ज्यादा सदस्य होने के विषय में पूछे जाने पर संगमा ने कहा, 'चुनाव अनुच्छेद-55 के अनुसार होता है और इस अनुच्छेद में स्पष्ट है कि चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होगा। इस समय संख्या का सवाल की नहीं उठता।'

उन्होंने कहा, 'गुप्त मतदान का मतलब अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करना है और मैं अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करने में भरोसा करता हूं।'

यूपीए व वाम मोर्चे के विभाजन के संबंध में पूछने पर संगमा ने कहा, 'लगभग हर राजनीतिक दल में विभाजन हो रहा है। जो बताता है कि यह चुनाव एक गम्भीर चुनाव है। यह उतना आसान नहीं है जितना कांग्रेस दावा कर रही है। विभाजन हो रहा है क्योंकि लोग इस सम्बंध में गम्भीरता से सोच रहे हैं। यह एक स्वागतयोग्य बदलाव है।'

उन्होंने कहा, 'प्रणब मुखर्जी भी अविभाजित यूपीए के उम्मीदवार नहीं है। ममता भी संप्रग का हिस्सा हैं और उन्होंने अभी प्रणब को समर्थन नहीं दिया है।'

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को संगमा को समर्थन देने की घोषणा की। आंकड़ों की माने तो प्रणब के समर्थन में 56.17 प्रतिशत व संगमा के समर्थन में 31.7 प्रतिशत वोट पड़ने की सम्भावना है।

This Article Posted on: June 22nd, 2012 by admin in : Sections.

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