Skip to content Skip to navigation

युनिवर्सिटी में शिक्षकों के खाली पद गंभीर मामला : जावड़ेकर

नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को स्वीकार किया कि देश के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के पदों का खाली रहना गंभीर मुद्दा है। जावड़ेकर ने साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि केंद्र सरकार इन पदों को भरने के लिए उचित कदम उठा रही है।

जावड़ेकर ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "विश्वविद्यालयों में शिक्षण के पदों का खाली रहना गंभीर मुद्दा है और इसकी कई वजहें हैं। देश में कुल 41 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, जिनमें 20 फीसदी शिक्षण पद रिक्त हैं।"

जावड़ेकर ने कहा, "हम इन रिक्तियों को भरने के लिए सारी कोशिशें कर रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है और हम इस पर सख्त निगरानी रख रहे हैं।"

केंद्रीय मंत्री ने सदन को यह आश्वासन भी दिया कि दिल्ली विश्वविद्यालयों में एक साल के भीतर इन रिक्तियों को भर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, "जहां तक दिल्ली विश्वविद्यालय का सवाल है तो हमने 10 वर्षो से चली आ रही इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। हमारी निगरानी में हर महीने नई भर्तियां निकाली जा रही हैं और उन्हें भरा जा रहा है तथा एक साल के भीतर सभी रिक्तियां भर ली जाएंगी। ऐसा ही हम अन्य विश्वविद्यालयों में भी कर रहे हैं।"

जावड़ेकर ने कहा कि इन रिक्तियों और उन्हें भरने की प्रक्रिया की निगरानी प्रणाली को तैनात कर दिया गया है।

Top Story
Share
loading...