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BBC ने ईश-निंदा वाले ट्वीट के लिए माफी मांगी

लंदन: बीबीसी ने अपने एशियन नेटवर्क ट्विटर अकाउंट पर एक सवाल पोस्ट किए गए जाने को लेकर माफी मांगी है। ट्वीट में पूछा गया था कि 'ईश-निंदा के लिए सही सजा क्या है?' द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर ईश-निंदा को लेकर एक बहस शुरू किए जाने के मकसद से पोस्ट किया गया ट्वीट वायरल हो गया और उसकी दुनियाभर में कड़ी आलोचना की गई।

बीबीसी ने शनिवार को माफी मांगते हुए कहा कि उसके ट्वीट का तात्पर्य यह नहीं था कि ईश-निंदा करने वालों को सजा दी जाए। नेटवर्क ने साथ ही कहा कि शुक्रवार को किए गए उसके ट्वीट का गलत अर्थ निकाला गया है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने इस सप्ताह फेसबुक और ट्विटर को ईश-निंदा करने वाले पाकिस्तानियों की पहचान करने में मदद करने को कहा था, ताकि उन्हें सजा दी जा सके और उनका प्रत्यर्पण किया जा सके।

देश के ईश-निंदा कानूनों के अनुसार, इस्लाम या पैगंबर मोहम्मद की निंदा करने वालों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है।

आंतरिक मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा कि पाकिस्तान के वाशिंगटन दूतावास के एक अधिकारी पाकिस्तान या विदेशों में मौजूद ऐसे पाकिस्तानियों की पहचान करने में मदद करने के लिए दोनों सोशल मीडिया कंपनियों के पास गए थे, जिन्होंने हाल ही में इस्लाम की निंदा में कोई पोस्ट साझा किया हो।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रशासन ने कथित ईश-निंदा को लेकर पूछताछ के लिए 11 लोगों की पहचान की है और वह विदेशों में बसे ऐसे किसी भी व्यक्ति के प्रत्यर्पण की मांग करेगा।

बीबीसी की ट्वीट की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना की गई है।

मानवाधिकार कार्यकर्ता मरियम नमाजी ने कहा कि यह ट्वीट बेहद अपमानजनक है।

वहीं मैलकम वुड ने कहा, "हमें बीबीसी के एशियन नेटवर्क को बताना चाहिए कि ईश-निंदा के लिए कोई सजा नहीं होनी चाहिए। हम मध्य युग में नहीं रह रहे।"

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