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नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस और उनके विरोधियों के बीच अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए नंबर गेम जुटाने के दांव तेज हो गए हैं। ममता बनर्जी के सहारे प्रमुख विपक्षी दल भाजपा एपीजे अब्दुल कलाम के नाम के साथ मैदान में कूद सकती है। जबकि कांग्रेस की ओर से प्रणब मुखर्जी का नाम सामने आ रहा है।
शुक्रवार को यूपीए और एनडीए अपने-अपने घटक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। यूपीए की बैठक में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शामिल होने से इंकार कर दिया है। एनडीए की बैठक भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के घर पर होगी।
अभी तक के सियासी समीकरणों के आधार पर बने अंक गणित में तो मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार प्रणब के सामने भारी पड़ रहे हैं। राष्ट्रपति पद के कुल वोटों का 42 फीसदी हिस्सा कलाम के खाते में जा रहा है तो कांग्रेस के उम्मीदवार पर सिर्फ 37.6 फीसदी वोटों के साथ हार का संकट खड़ा हो गया है।
कलाम के इर्द-गिर्द भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, अन्नाद्रमुक और बीजू जनता दल का समर्थन जुटता नजर आ रहा है। इन पार्टियों के वोटों के दम पर कलाम की ताकत का आंकड़ा 4,62,896 वोट बैठ रहा है। यानी कुल वोटों का 42 फीसदी। दूसरे छोर पर अभी तक कांग्रेस की ओर से लग रहे पहले नंबर के उम्मीदवार प्रणब के पक्ष में कांग्रेस, द्रमुक, राकांपा, नेशनल कांफ्रेंस, राजद और रालोद का समर्थन इकट्ठा हो रहा है। इन पार्टियों के सांसदों और विधायकों के आधार पर प्रणब के समर्थन में 4,13,558 वोट जुट रहे हैं।
वहीं एनडीए की घटक दल जनता दल युनाइटेड, वामपंथी दल और बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में जुटने का निर्णय नहीं लिया है। इन पार्टियों का वोट हिस्सा 1, 40, 724 है। अगर यह हिस्सा प्रणब के पक्ष में जुटता है तो वह कलाम को पछाड़ सकते हैं। लेकिन जदयू के कलाम के पक्ष में जाने की संभावना है। लिहाजा, कांग्रेस ने अपने रणनीतिकारों को गणित अनुकूल करने के लिए छोड़ दिया है।
सभी मुख्यमंत्रियों को मोर्चे पर लगाते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति, झारखंड मुक्ति मोर्चा, सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी जैसे छोटे दलों को भी पकड़ में लेने के निर्देश दिए गए हैं। खुद प्रणब ने बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और विमान बोस से बात की है। मुलायम को भी अपने खेमे में करने के लिए राजनीतिक सचिव अहमद पटेल सक्रिय हो गए हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती से भी संपर्क साधा जा रहा है।
सटोरियों की पहली पसंद प्रणब
प्रणब मुखर्जी सटोरियों की पहली पसंद बने हुए हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी सबसे पीछे है। एक अनुमान के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव पर कुल 800 करोड़ का सट्टा लगा है। मुंबई के सट्टेबाजों को प्रणब पर हर एक रूपए पर 50 पैसे मिल रहे हैं।
सट्टेबाजों की दूसरी पसंद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं। उन पर हर एक रूपए पर 6 रूपए 50 पैसे का दांव लगा है जबकि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर हर एक रूपए पर 8 रूपए का दांव लगा है। उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी पर हर एक रूपए पर 12 और सोमनाथ चटर्जी पर 18 रूपए का दांव लगा है।
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