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भारत में इंटरनेट पर सरकारी पाबंदी के खिलाफ गोलबंद हुए हैकर

नई दिल्‍ली: गुमनाम हैकरों के गुट ने सरकार पर इंटरनेट और वेबसाइट्स पर अंकुश बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सरकारी साइटों पर हमला कर उन्हें हैक करना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे एनॉनिमस नाम के इस हैकर गुट ने शुक्रवार को कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पान्स टीम (सीईआरटी-इन) की भारतीय साइट पर हमला बोल दिया और उसे तकनीकी तौर पर तहस नहस कर दिया।

सीईआरटी-इन देश में साइबर सिक्योरिटी के लिए काम करने वाली संस्था है। सरकार की तमाम साइबर सेल खुफिया विभाग की मदद से इन हैकर्स का सुराग तलाशने में लगी है। लेकिन इन्हें अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है।

हैकर गुट से जुड़े लोगों ने दिल्ली, पुणे, बंगलूरू, चंडीगढ़ समेत 16 शहरों में सरकार के विरोध में प्रदर्शन भी किया। अपनी वेबसाइट पर यह दावा करते हुए इस गुट ने बताया है कि दिल्ली में जंतर मंतर पर 50 से ज्यादा लोग जुटे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

हैकर्स ने ट्विटर पर सरकार को चुनौती दी है कि वह साइट्स पर अंकुश लगाने के विरोध में ऐसे हमले करते रहेंगे। सरकार इन झटकों को भुगतने के लिए तैयार रहे। एक ट्विटर मैसेज के मुताबिक यह सरकार असहाय है जो अपने साइट्स की रक्षा नहीं कर सकती वह लोगों का क्या ख्याल रखेगी। बहरहाल, सरकार की मुश्किल यह है कि बिना तकनीकी सबूत के वह इन पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

सूत्रों के मुताबिक सीईआरटी पर इन हैकर्स का सबसे ताजा हमला है। यह हैकर्स पिछले एक महीने से इन करतूतों में लगे हैं। इंटरनेट पर प्रतिबंध के विरोध में इन्होंने पिछले पंद्रह दिनों में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर एसोसिएशन, तृणमूल कांग्रेस और रिलायंस कम्यूनिकेशन की साइट हैक कर लीं। सीईआरटी पर हमले से पहले बुधवार को उन्होंने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) की साइट को भी डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (डीडीओएस) की तकनीक से हैक किया। डीडीओएस के जरिए हुई गड़बड़ी की वजह से कोई भी इस साइट तक नहीं पहुंच पाएगा।

इन हैकर्स ने फेसबुक और ट्वीट के जरिए लोगों से इंटरनेट प्रतिबंध के सरकार की योजना के विरोध में खुल कर सामने आने को कहा है। संदेश में कहा गया है कि आज सरकार को बताएंगे कि उन्हें दबाया नहीं जा सकता, उन्हें चुप नहीं रखा जा सकता, आज वह विरोध में खड़े हैं। पिछली रात जारी एक ट्विटर संदेश में मुताबिक वह खुली इंटरनेट व्यवस्था चाहते हैं, वह अपने हक के लिए बाहर आएंगे, लोग डरें नहीं, प्रतिबंध रोकें, यह शांतिपूर्ण विरोध है, इसमें कोई हिंसा नहीं होगी। एक और संदेश में कहा गया है कि एनॉनिमस खुली सोच रखने वाले लोगों की अराजनैतिक संस्था है। अगर राजनीतिक लोग इसमें शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत है, इसके तहत आम आदमी खुले विचार और स्वतंत्र इंटरनेट की मांग कर रहा है।

इंटरनेट सेंसरशिप के विरोध में प्रदर्शन
सेव योर वॉयस की ओर से इंटरनेट सेंसरशिप के विरोध में शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मॉस्क पहने इंटरनेट यूजर्स ने अपनी मांग रखी। सेव योर वॉयस ने आरोप लगाया कि पिछली बार जंतर मंतर पर सात दिवसीय अनशन फ्रीडम फास्ट के माध्यम से एनलमेंट मोशन के लिए समर्थन मांगा गया था, लेकिन लाख कोशिशों के बाद राज्यसभा में पास नहीं हो सका। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक इंटरनेट की आजादी बहाल नहीं होती, हम चुप नहीं बैठेंगे।

सांसद पाबंदी के हक में नहीं
इंटरनेट पर नियंत्रण को लेकर कोई सीधा फैसला लेने से परहेज करते हुए सरकार ने सुरक्षित रास्ते पर चलने का फैसला किया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कोई भी नियम कानून बनाने से पहले सांसदों और इंटरनेट से जुड़े सभी औद्योगिक संगठनों से बातचीत कर सर्वसम्मति बनाएगी। वहीं ज्यादातर दलों के सांसद इंटरनेट पर नियमन के पक्ष में तो हैं लेकिन इस पर नियंत्रण करने के सख्त खिलाफ हैं। सांसदों की इसी राय का ख्याल रखते हुए दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने सर्वसम्मति से इस मामले पर निर्णय करने का भरोसा दिया है।

This Article Posted on: June 10th, 2012 by admin in : Sections.

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