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छत्तीसगढ़ में 81 हजार करोड़ रुपये की लोकलुभावन बजट पेश

रायपुर: एक शहंशाह को अगर फकीरी का अहसास हो जाए तो फिर इससे उम्दा बात भला क्या हो सकती है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को बेहद शायराना अंदाज में अपनी बात को कुछ यूं रखा कि जमीर जिंदा रख, कबीर जिंदा रख। सुल्तान भी बन जाएं, तो दिल में फकीर जिंदा रख। इसी के साथ उन्होंने गरीबों, किसानों, मजदूरों, छात्र-छात्राओं के हितों को ध्यान में रखते हुए 81 हजार करोड़ रुपये का लोक लुभावन बजट सदन में पेश किया।

मुख्यमंत्री के पिटारे से सौगातें निकलता देखकर विपक्ष सुलग उठा। मौके की नजाकत को भांपते हुए उन्होंने कहा, "यह मंत्रालय के कमरों में बैठ कर नहीं बनाया गया बल्कि गांव-गांव जाकर पेड़ के नीचे बैठकर चर्चा के दौरान बनाया गया बजट है।"

उन्होंने वर्ष 2017-18 का 81 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें नौ हजार करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है। ई-सेवाओं का लाभ देने के लिए बजट में 45 लाख गरीब लोगों, महिलाओं और कॉलेज के विद्यार्थियों को मुफ्त स्मार्ट फोन बांटने की घोषणा की गई है।

रमन सिंह ने कहा, "अंत्योदय तथा समावेशी विकास, सु²ढ़ अधोसंरचना के माध्यम से विकास के सुअवसर प्रदान करना, डिजिटल समावेशन तथा सुशासन को बजट की मुख्य विशेषता है।"

उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में जीएसटी लागू होगी, इसलिए कर संरचना में कोई व्यापक परिवर्तन नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने बतौर वित्तमंत्री अंत्योदय एवं समावेशी विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रमीण विकास, वन, सु²ढ़ अधोसंरचना, लोक निर्माण, सिंचाई, पेयजल, नगरीय विकास, आवास एवं पर्यावरण, विमानन, संस्कृति एवं पर्यटन, खेल अधोसंरचना, कौशल एवं क्षमता विकास, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, उद्योग एवं ग्रामोद्योग, डिजिटल समावेशन और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए बजट में प्रावधान किया।

दिव्यांगों पर सरकार की दृष्टि :

मुख्यमंत्री ने कहा, "खाद्यान सुरक्षा के लिए तीन हजार 600 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान है। रायपुर में दिव्यांग महाविद्यालय की स्थापना के लिए दो करोड़ 56 लाख रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। नि: शक्तजन छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर एक करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 709 करोड़ रुपये का प्रावधान है। असंगठित कर्मकार कल्याण के लिए 39 करोड़ 75 लाख रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।"

कृषि बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि :

रमन सिंह ने कहा, "गत वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि बजट के लिए 10 हजार 433 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बजट में किया गया है।"

मुख्यमंत्री ने नारायणपुर में नवीन कृषि महाविद्यालय के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुरूप 2020 तक किसानों का आय दुगुनी होगी। सिंचाई के लिए एलटीआईएफ अंतर्गत केलो, खारंग, मनियारी सिंचाई परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है।

सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। 45 लाख लोगों को नि:शुल्क स्मार्टफोन का वितरण किया जाएगा। बस्तरनेट परियोजना के अंतर्गत इंफॉरमेशन हाइवे, 18 लाख लोगों की डिजिटल आर्मी का गठन किया गया है।

राशन वितरण के लिए आधार सिडिंग के जरिए कैशलेस व्यवस्था लागू की जा रही है। लैपटॉप और टेबलेट वितरण के लिए 80 करोड़ रुपये तथा यूनिफाईड डाटाबेस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।

10 मिनट में शहरों में पहुंचेगी पुलिस :

पुलिस विभाग में डायल 112 योजना की शुरुआत होगी। अपराध दुर्घटना की स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता शहरों में 10 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों मे आधे घंटे में पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 240 नए वाहन खरीदे जा रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रावधान :

11वीं में एनसीईआरटी की पुस्तकों से शिक्षण, सभी प्राथमिक शालाओं में अंग्रेजी किट प्रदान होगी। नौ जवाहर नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे। नए स्कूल भवन निर्माण के लिए 53 करोड़ रुपये, सर्व शिक्षा अभियान के लिए एक हजार 500 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 722 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।

बीमा की राशि में बढोतरी :

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है। 15 नए पोषण पूनर्वास केंद्र के लिए चार करोड़ 50 लाख रुपये, 242 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपये, कैंसर अस्पताल मनेंद्रगढ़ के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि बजट में स्वीकृत की गई है।

विकासखंड के विकास के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी :

डिजिटल समावेशन के उद्देश्य की पूर्ति करने के लिए तीन हजार कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा शासकीय सेवाएं प्रदान की जा रही है। वाणिज्यिक कर अदा करने के लिए ई-चालान, ई-रिटर्न सुविधा, ई-ग्राम सुराज परियोजना, ई-प्रोक्योरमेंट, छत्तीसगढ़ स्वान, वाई-फाई सिटी योजना, छत्तीसगढ़ कैंपस कनेक्ट पोर्टल सहित अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।

बजट पेश होने के दौरान किसने क्या कहा :

डॉ. रमन सदन में बजट पेश कर रहे थे। इस दौरान विपक्ष की ओर से टिप्पणियां होती रही। नेता प्रतिपक्ष टी.एस.सिंह देव ने कहा, "बजट में धान के बोनस की गुंजाइश है कि भी नहीं।"

कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने कहा कि अभी भी मौका है डॉक्टर साहब बोनस के बारे में कुछ नहीं बोले, हाथ से ही लिख दीजिए। कांग्रेस सदस्य भगत ने कहा कि शायद बोनस के लिए प्रधानमंत्री जी मना कर दिर हैं। बजट पेश होने के दौरान सदन में धान के बोनस की गूंज रही।

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