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अहमदाबाद: संजय जोशी का भाजपा से अलग होने के बाद भी भाजपा में नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध कम होता नहीं दिख रहा। नरेंद्र मोदी-संजय जोशी विवाद पर पिछले दिनों आए पोस्टर ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता... कहो दिल से, संजय जोशी फिर से’ के राज से पर्दा उठा भी नहीं था कि शुक्रवार को अहमदाबाद में कई जगहों पर नए पोस्टर नजर आए। इनमें नसीहत दी गई है, ‘राजधर्म का पालन करें, प्रजा धर्म को निभाएं और पार्टी धर्म का पालन करें’।
हालांकि पोस्टर में मोदी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन संकेत साफ हैं कि यह उनके लिए ही है। उल्लेखनीय है कि 2002 के गुजरात दंगों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मोदी को ‘राजधर्म’ का पालन करने की सीख दी थी। इन पोस्टरों के आने ने एक बार फिर गुजरात भाजपा में धड़ेबाजी को सामने ला दिया है। यह सब ऐसे समय हो रहा है, जबकि कुछ ही महीनों बाद दिसंबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जोशी के इस्तीफे के बाद नई दिल्ली में भी मोदी विरोधी पोस्टर नजर आए थे। भाजपा अभी तक मामले की जांच कर रही है कि किसने ये पोस्टर लगवाए? अब अहमदाबाद में पोस्टरों का नया मामला सामने है।
गुजरात भाजपा कार्यकारिणी की दो दिनी बैठक शनिवार से राजकोट में शुरू हो रही है। इसमें पोस्टर मुद्दा जोर-शोर से उठने के आसार हैं। वर्तमान में राज्य भाजपा पूरी तरह दो धड़ों में बंटी दिख रही है। पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल खुल कर आरोप लगा चुके हैं कि मोदी के शासन में गुजरात ‘डर’ में जी रहा है। मोदी की कार्यप्रणाली की संघ के मुखपत्र पांचजन्य और भाजपा की पत्रिका कमल संदेश भी आलोचना कर चुके हैं।
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