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जुकाम के मरीज का सात साल तक चला एड्स का इलाज

जयपुर: राजस्थान के उदयपुर स्थित सरकारी अस्पताल के एक चिकित्सक ने सर्दी, जुकाम और एलर्जी से पीड़ित मरीज को एड्स का रोगी बता दिया। यह कारनामा महाराणा भूपाल सिंह राजकीय अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डीसी कुमावत का है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्र सहाड़ा के पीडि़त धनराज को सात वर्ष तक एड्स की दवा दी, जिससे उसका पूरा शरीर खराब हो गया। इसके चलते रिश्तेदारों, मित्रों यहां तक की परिजनों ने भी उससे दूरी बना ली। इस मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने आरोपी चिकित्सक और इलाज का क्लेम खारिज करने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दोषी मानते हुए पांच लाख का जुर्माना किया है। चिकित्सक ने धनराज की पत्नी को भी यह कहकर एड्स की दवा दी कि वह पहले ही दवा ले ले नहीं तो उसे भी यह रोग हो सकता है। जब दिल्ली में रह रहे धनराज के रिश्तेदार को इस बारे में जानकारी मिली तो उसने अपने साथ दिल्ली ले जाकर उसकी जांच कराई। जांच में सामने आया कि पीडि़त को एड्स है ही नहीं। इसके बाद पीडि़त और उसके रिश्तेदार ने चिकित्सक से सम्पर्क किया तो उसने कहा कहा कि संतुष्टि के लिए मुंबई स्थित हिंदूजा अस्पताल में जांच करा लो, वहां की जांच रिपोर्ट में भी एड्स नहीं होने की बात सामने आई। इस पर पीडि़त ने राज्य उपभोक्ता आयोग में शिकायत की। आयोग के पीठासीन अधिकारी विनय चावला ने आरोपी चिकित्सक और इलाज का क्लेम खारिज करने वाली न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दोषी मानते हुए पांच लाख का जुर्माना किया है।
(साभार : दैनिक जागरण)

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