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झारखंड बंद: भय भी.. आक्रोश भी..

न्यूज विंग, रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बीते 23 नवंबर को सीएनटी और एसपीटी संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। आजादी के पहले बने इस कानून को यहां के आदिवासी और मूलवासी अपने सुरक्षा कवच के रूप में मानते हैं। दशकों पुराने इस कानून से किये गये छेड़छाड़ के विरोध में विपक्षी पार्टियों ने सामूहिक रूप से शुक्रवार 25 नवंबर, 2016 को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर पत्थर रखकर और पुराने कटे पेड़ को सड़क के बीचों बीच रख कर आवागमन बाधित करने की कोशिश की गयी। इन क्षेत्रों में आज बड़ी और छोटी गाड़ियां नहीं के बराबर चलीं। राजधानी रांची में विपक्षी पार्टियों के प्रमुख नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं वहीं कुछ जगहों पर बंद समर्थकों और पुलिस के बीच छिटपुट झड़प भी हुई। न्यूज विंग के वरीय संवाददाता रणजीत ने बंद का प्रभाव देखने के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। तस्वीरों में देखिये कैसा रहा झारखंड बंद ...

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