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नई दिल्ली, मार्च 25 | भ्रष्टाचार मिटाने के लिए एक बड़े आंदोलन की हुंकार भरते हुए समाजसेवी अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि सरकार यदि वर्ष 2014 तक जन लोकपाल विधेयक नहीं लाती तो उसे सत्ता से बाहर जाना होगा। समाजसेवी ने आगाह करते हुए कहा कि दागी मंत्रियों के खिलाफ सरकार यदि कार्रवाई नहीं करती तो अगस्त से वह जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। ह्विसलब्लोअर्स की सुरक्षा के लिए एक मजबूत तंत्र बनाने और भ्रष्टाचार उजागर करने के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अन्ना हजारे जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन पर बैठे थे।
पुलिस के मुताबिक अनशन स्थल पर करीब 2000 समर्थक एकत्र हुए। पिछले साल से समाजसेवी का यह 5वां अनशन है।
अनशन की शुरुआत भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले उन लोगों पर बनी एक लघु फिल्म के प्रदर्शन के साथ हुई, जो अपनी लड़ाई के दौरान शहीद हो चुके हैं।
अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार ह्विसलब्लोअर्स को सुरक्षा देने में नाकाम हुई है।
उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लोग लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में जिन्होंने अपनी जान गंवा दी है, उनकी सुरक्षा के लिए सरकार कुछ भी नहीं कर रही। भ्रष्टाचार उजागर करने के प्रयास में 25 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं..ह्विसलब्लोअर्स की माताएं, उनके बच्चे, पिता एवं पत्नियां न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार बहरी और गूंगी हो गई है।"
मध्य प्रदेश के मुरैना में मारे गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार का परिवार भी जंतर-मंतर पहुंचा। कुमार की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने अवैध खनन कर ले जाए जा रहे पत्थरों की एक ट्रैक्टर ट्राली को रोकने की कोशिश की थी।
अन्ना हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने को लेकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की नीयत साफ नहीं है। इसलिए, वह जनलोकपाल विधेयक पारित नहीं कर रही।
समाजसेवी ने कहा कि सरकार यदि वर्ष 2014 तक जन लोकपाल विधेयक नहीं लाती तो उसे सत्ता से बाहर जाना होगा। उन्होंने लोगों से भ्नष्टाचार के खिलाफ लम्बी लड़ाई के लिए तैयार रहने के लिए कहा।
चुनाव में भ्रष्ट व दागी उम्मीदवारों को नकारने का अधिकार मतदाताओं को देने की वकालत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं में बड़ी संख्या में दागी लोग चुनकर पहुंच गए हैं।
अनशन समाप्त करने से पहले अन्ना हजारे ने कहा, "सरकार का इरादा जनलोकपाल विधेयक पारित करने का नहीं है। लेकिन एक दिन उन्हें ऐसा करना ही होगा, क्योंकि जनता जाग गई है।"
सामाजिक कार्यकर्ता ने आगाह करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में दागी मंत्रियों के खिलाफ यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो वह देशव्यापी जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा, "अगस्त तक यदि दागी मंत्रियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो लोग जेल भरो आंदोलन करने के लिए तैयार हो जाएं।"
अनशन स्थल पर अन्ना हजारे के पहुंचने से पहले वहां करीब 2000 लोग एकत्र हो गए थे। देशभक्ति के गीतों, तिरंगा और अन्ना टोपी के बीच माहौल अनशन के अनुकूल बन गया था। अन्ना हजारे महात्मा गांधी की समाधि राजघाट से जंतर-मंतर पहुंचे।
अन्ना ने अपने अनशन की शुरुआत "भारत माता की जय.. वंदे मातरम" जैसे देशभक्ति के नारों के साथ की।
अन्ना ने पहले से बड़े आंदोलन का आह्वान करते हुए कहा कि उनके लोग देश भर में जाएंगे और लोगों को बताएंगे कि सरकारी लोकपाल विधेयक किसी काम का नहीं है।
अन्ना का अनशन शुरू होने से पहले जंतर-मंतर पर उपस्थित लोगों ने जान गंवाने वाले ऐसे अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जंतर-मंतर पर अन्ना के साथ मंच पर उनके प्रमुख सहयोगी, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संतोष हेगड़े, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।
इसके पहले अन्ना हजारे ने गत दिसम्बर में मुम्बई के आजाद मैदान में अनशन किया था लेकिन उस दौरान स्वास्थ्य खराब हो जाने के चलते उन्हें अपना अनशन बीच में छोड़ना पड़ा था।
सरकार द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और सरकार मौजूदा बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को राज्यसभा में पारित कराने की कोशिश कर रही है। वहीं, अन्ना हजारे और उनकी टीम ने इस विधेयक को कमजोर बताकर खारिज किया है।
भाजपा नेता बलबीर पुंज ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित करवाने के लिए गम्भीर व ईमानदार नहीं है। इसलिए चाहे अन्ना हजारे हों या बाबा रामदेव उन्हें दोबारा अनशन की आवश्यकता महसूस हो रही।"
कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "सरकार एक प्रभावी लोकपाल लाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन कानून किस तरह का बनेगा इस पर निर्णय संसद को करना है।"
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