National

#Maharashtra: क्या RSS देगा सरकार गठन का फॉर्मूला, शिवसेना से खींचतान के बीच भागवत से मिले फडणवीस

Mumbai: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच बीजेपी- शिवसेना के बड़े नेताओं की मुलाकात भी जारी है.

Jharkhand Rai

सीएम पद को लेकर जारी खींचतान के बीच मंगलवार शाम महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की है.

इसे भी पढ़ेंः#JharkhandAssemblyElection: पहले चरण की 13 सीटों के लिए नामांकन आज से, 30 नवंबर को वोटिंग

आरएसएस की पहल से बनेगी सरकार ?

मंगलवार की देर शाम नागपुर में राष्ट्री य स्व यंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुलाकात की. तकरीबन एक घंटे बंद कमरे में चली इस मुलाकात के बाद कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

Samford

माना जा रहा है कि शिवसेना के साथ विवाद सुलझाने के लिए देवेंद्र फडणवीस संघ से दखल करने का अनुरोध लेकर भागवत से मिलने पहुंचे थे. शिवसेना भी चाहती है कि संघ मध्यस्थता कर दोनों दलों के बीच जारी गतिरोध दूर करे.

इससे पहले बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में हुई थी. जिसके बाद बीजेपी ने दावा किया था कि शिवसेना के साथ मिलकर वो सरकार बनाने जा रही है. लेकिन सीएम पद को लेकर जारी गतिरोध पर फिलहाल किसी ने पत्ते नहीं खोले हैं.

शाह ने ठुकराया फडणवीस का प्रस्ताव

राजनीतिक गलियारे में ये भी चर्चा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से बीजेपी-शिवसेना में जारी कलह को खत्म करने के लिए फडणवीस, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मिले थे. और शिवसेना को मनाने का जो फॉर्मूला उन्होंने सुझाया था, उसे शाह ने मनाने से इनकार कर दिया है.

इसे भी पढ़ेंःराजनीति में कोई किसी का उत्तराधिकारी नहीं, जिसमें क्षमता वही जननेता: समरेश सिंह

दरअसल, शिवसेना का रुख नरम करने के लिए उसे अतिरिक्त मंत्री पद देने का प्रस्ताव था. इसके साथ ही शिवसेना ने मंत्री पद और सरकार शासित कॉरपोरेशन में बराबर हिस्सेदार के अलावा सेना ने केंद्र सरकार में भी दो मंत्री पद मांगे है. जिनमें एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री स्तर का पद था. इसके अलावा, शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं को दो राज्यों में गवर्नर बनाए जाने की भी मांग थी.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिल्ली में इस प्रस्ताव पर शाह से चर्चा की. लेकिन सूत्रों का कहना है कि शाह ने केंद्र सरकार में अतिरिक्त मंत्री पद और शिवसेना नेताओं के लिए गवर्नर पद जैसी मांगों को ठुकरा दिया. शाह ने किसी भी तरह का मोलभाव महाराष्ट्र के पदों और मंत्रालयों तक सीमित रखने की बात कही है.

9 नवंबर तक का है समय

गौरतलब है कि 2014 के चुनाव के बाद महाराष्ट्र विधानसभा का गठन 10 नवंबर 2014 को हुआ था. ऐसे में 9 नवंबर 2019 को विधानसभा भंग हो जानी चाहिए.

इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. जबकि समाजवादी पार्टी को 2, एमआईएम को 2, एमएनएस व सीपीआई को एक-एक और अन्य को 23 सीटें मिली हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है. लेकिन बहुमत की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि बहुमत साबित करते समय विधानसभा में कितने सदस्य मौजूद हैं.

इसे भी पढ़ेंःविपक्षी दलों का लक्ष्य अब जीत नहीं बल्कि ‘सेकेंड टू बीजेपी’ बनना रह गया है: नड्डा

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: