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#Maharashtra : कांग्रेस नेता नाना पटोले होंगे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के स्पीकर उम्मीदवार

Mumbai : महाराष्ट्र में प्रोटेम स्पीकर की देखरेख में आज शनिवार के विधानसभा में बहुमत का परीक्षण होने जा रहा है. इससे पहले  शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की विधानभवन में बैठक हुई. जिसमें फैसला लिया गया कि कांग्रेस के नेता नाना पटोले  विधानसभा के स्पीकर उम्मीदवार होंगे.

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खबर है कि पहले इस पद के लिए पृथ्वीराज चव्हाण का नाम चल रहा था. लेकिन अब नाना पटोले का नाम एनसीपी नेता प्रफुल पटेल की ओर से अनुमोदन किया गया है.   कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उद्धव ठाकरे के साथ कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने वाले बालासाहेब थोराट ने कहा कि नाना पटोले को स्पीकर के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया गया है.

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हम आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे :  संजय राउत

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर पृथ्वीराज चव्हाण ने स्पीकर बनने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. कहा जा रहा था कि कांग्रेस स्पीकर की बजाय डेप्युटी सीएम के पद पर जोर दे रही है. हालांकि एनसीपी की राय थी कि कांग्रेस स्पीकर पद ले ले, जबकि वह अपने लिए डेप्युटी सीएम चाहती थी.

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उद्धव ठाकरे सरकार का शनिवार को दो बजे फ्लोर टेस्ट है,  इससे पहले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि हमारे पास 170 के करीब विधायक हैं और हम आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे.

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नाना पटोले ने पीएम मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था

जान लें कि  साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भंडारा से भाजपा के टिकट से नाना पटोले ने चुनाव लड़ा था और प्रफुल पटेल को हराया था. लेकिन बाद में नाना पटोले ने पीएम मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया और कांग्रेस में शामिल हो गये. 2019 के लोकसभा में चुनाव में नाना पटोले नागपुर में नितिन गडकरी से हार गये थे.

प्रफुल की काट ढूंढ़ने के लिए ही भाजपा ने नाना पटोले को भंडारा से टिकट दिया था. आज जब प्रफुल पटेल ने नाना पटोले के नाम का स्पीकर पद के उम्मीदवार के लिए आगे बढ़ाया तो नाना पटोले की तारीफ करते हुए कहा कि वह किसानों और गरीबों का नेता हैं.

भाजपा  ने किसन कथोरे को  प्रत्याशी बनाया

भाजपा  ने किसन कथोरे को अपना प्रत्याशी बनाया  है. किसन कथोरे ने अपनी राजनीति की शुरुआत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से की थी. उन्होंने पहला चुनाव अंबरनाथ सीट से लड़ा और शिवसेना के कद्दावर नेता को हराया था. यह सीट 2008 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गयी. इस वजह से किसन कथोरे ने 2009 का चुनाव मुरबाड सीट से लड़ा और जीत दर्ज की. 2014 में किसन कथोरे भाजपा  में शामिल हो गये. 2014 और 2019 का चुनाव किसन कथोरे ने मुरबाड सीट से ही जीता.

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