झारखंड: सीआइडी द्वारा तैयार स्पीडी ट्रायल की लिस्ट में 501 गंभीर आपराधिक मामले, लेकिन इस लिस्ट में विधायकों से जुड़ा कोई मामला नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/07/2018 - 10:25

Ranchi: झारखंड में स्पीडी ट्रायल की सूची में 501 गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों को रखा गया है. इन मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि सीआइडी द्वारा तैयार की गयी गंभीर अपराधों की इस सूची में यहां के विधायकों से जुड़ा एक भी मामला नहीं है. एक दैनिक अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार एक ओर जहां विधायकों से जुड़े गंभीर मामलों की भरमार है, ऐसे मामले विचाराधीन रखे गये हैं, वहीं स्पीडी ट्रायल सूची में ऐसे एक भी मामले का नहीं होना पुलिस प्रशासन सहित कई नामी संस्थाओं के कार्यों पर सवालिया निशान खड़े करता है.

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राज्य में कई विधायकों पर हत्या,  हत्या के प्रयास,  आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले

विधायकों के सर पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले होने के बाद भी जांच ऐजेंसियों द्वारा तैयार सूची में इनके नाम का न होना व्यवस्था की पोल खोलता है. सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन बनाम भारत सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को ऐसा निर्देश दिया था कि विधायकों और सांसदों से खिलाफ दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई त्वरित गति से हो.

गंभीर आपराधिक मामलों की सूची सीआइडी ने तैयार की

इसी तरह झारखंड हाईकोर्ट में भी ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के संबंध में वर्ष 2015 में ही याचिका दायर की गयी थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में विभिन्न जिलों में दर्ज 501 गंभीर आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए हाई कोर्ट से अनुरोध किया और सीआइडी ने इन गंभीर आपराधिक मामलों की सूची तैयार की लेकिन विधायकों के खिलाफ मामलों की जांच के लिए उठाये गये त्वरित कार्रवाई से संबधित याचिका के बाद तैयार इस सूची में एक भी विधायक का नाम नहीं है.

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16 विधायकों पर हैं हत्या, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक मामले

यह सूची तब तैयार की गयी है जबकि राज्य में करीब 16 विधायक ऐसे हैं, जिनके उपर हत्या, हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं. चोरी जैसे मामलों में लोहरदगा विधायक कमल किशोर भगत और गोमिया के विधायक योगेंद्र प्रसाद को कोर्ट ने सजा दी जबकि इनके खिलाफ भी हत्या के प्रयास जैसे मामले विचाराधीन हैं. कोलेबिरा विधायक एनोस एक्का, तोरपा विधायक पौलुस सुरीन और सिमरिया विधायक गणेश गंझू के नाम हत्या करने जैसे गंभीर आपाराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन इनमें से किसी का भी नाम सीआइडी द्वारा तैयार गंभीर अपराधों की सूची में नहीं है.

जानें किस विधायक के नाम हैं ,कैसे अपराध-

राजकुमार यादव (धनवार) गिरिडीह   46/93  विचाराधीन  अपहरण 

कुशवाहा शिवपूजन मेहता (हुसैनाबाद)पलामू  17/14 विचाराधीन  सांप्रदायिक सौहार्द्र 

बिगाड़ना व हत्या का प्रयास 

फूलचंद मंडल (सिंदरी)धनबाद 300/99  विचाराधीन  हत्या का प्रयास

ढुलू महतो (बाघमारा )धनबाद 220/06 विचाराधीन  हत्या का प्रयास

चमरा लिंडा ( बिशुनपुर) गुमला 810/13 विचाराधीन  हत्या का प्रयास 

दशरथ गगरई (खरसावां) सरायकेला जीआर 551/11 विचाराधीन हत्या का प्रयास

योगेंद्र प्रसाद (गोमिया)बोकारो  17/06  विचाराधीन  हत्या का प्रयास

अमित कुमार (सिल्ली)रांची 42/06  विचाराधीन  हत्या का प्रयास 

जगन्नाथ महतो (डुमरी) गिरिडीह 20/12  विचाराधीन  हत्या का प्रयास

पौलुस सुरीन (तोरपा) खूंटी जीआर 197/13  विचाराधीन  हत्या का आरोप

गणेश गंझू (सिमरिया)चतरा 06/98  विचाराधीन  हत्या का आरोप

भानु प्रताप शाही (भवनाथपुर) गढ़वा  जीआर 69704  विचाराधीन  हत्या का प्रयास

एनोस एक्का (कोलेबिरा) सिमडेगा  एसटी 2915  विचाराधीन  हत्या का आरोप

कमल किशोर भगत (पूर्व विधायक)  115/09  विचाराधीन  हत्या का प्रयास

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