स्कूलों को विभाग ने तुरंत कर दिया स्थाई, सालभर में खुल गये 500 से अधिक नये स्कूल

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 06/08/2018 - 22:24

डीएलएड बना फर्जीवाड़ा का नया अड्डा, टेंपररी मान्यता प्राप्त 

Ranchi :  एनआईओएस की ओर से अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए चलायी गयी डीएलएड की मुहिम चंद माह बाद ही फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ने का संकेत देने लगी है. स्कूलों का यूडायस कोड का इस्तेमाल कर  गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों दवारा हजारों लोगों को शिक्षक बना दिया गया. यह बात अब झारखंड शिक्षा परियोजना भी मानती है.  डीएलएड कराने की योजना का पता लगने के बाद इसका फर्जी तरीके से लाभ लेने के लिए कुछ लोग लग गये. स्कूल खोलने से लेकर पदाधिकारियों की सहमति तक प्राप्त करने में सफल हो गये. बता दें कि वर्ष 2017 में डीएलएड प्रशिक्षण देने की बात सरकार की तरफ से आयी थी. इसके बाद लगभग 400 स्कूल खोलकर इसका लाभ उठाने का जुगाड़ कर लिया गया. इन स्कूलों को एनआईओस ने टेंपररी यूडायस कोड दे दिया. जिसे झारखंड शिक्षा परियोजना के जिला कार्यालय दवारा स्थायी में बदल दिया गया. कई स्कूलों की जमीनी हकीकत जाने बिना झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से भी यूडायस कोड देकर फर्जीवाड़ा को बढ़ावा दिया गया. इन स्कूलों से शिक्षक बनकर डीएलएड करने वालों की संख्या 5000 के करीब बतायी गयी है. इन स्कूलों में छात्र भी हैं या नहीं इसकी पड़ताल तक नहीं की गयी, और शिक्षक पर मुहर लगा दी गयी. 

 

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मामला दबाने की हो रही कोशिश

सिर्फ एक जिले से 6556 गैर प्रशिक्षित शिक्षक डीएलएड कर रहे हैं. इसमें पारा शिक्षकों की संख्या 249 है. ऐसे में लगभग 10 हजार से अधिक संदेह के घेरे में हैं. इस फर्जीवाड़े में झारखंड शिक्षा परियोजना के पदाधिकारी, बीईओ, कई स्कूलों के संचालक, शिक्षक आदि शामिल हैं.  ऐसे में जांच की गति को धीमा कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है. इस फर्जीवाड़ेे में जिलों के हजारों अप्रशिक्षित शिक्षक भी शामिल हैं. जिन्होंने गलत तरीके से डीएलएड करने के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया. फर्जीवाड़ा के गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची. पीएमओ ने मामले की जांच के आदेश भी जारी कर दिये. इस आदेश पर जांच के नाम पर सिर्फ समिति ही बन पायी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड के प्रधान सचिव ने जांच में तेजी लाने का निर्देश  जिलों के डीएसई को दिया. अप्रशिक्षित शिक्षक को मार्च 2019 से पहले प्रशिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार 2017 से 2019 तक एनआईओएस के लिए प्रोग्राम शुरू किया था.

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