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हमें भोजन से ज्यादा बंकर की जरूरतः एलओसी के निवासी

News wing

Jammu Kashmir, 12 September: जम्मू कश्मीर दौरे पर गए भारज के गृहमंत्री से एलओसी के लोगों ने कहा कि हमें भोजन से ज्यादा बंकर की जरूरत है. उनका कहना था कि पाकिस्तान लगातार बॉडर पर फायरिंग करता रहता है. ऐसे में हमें हमेशा अपने घर से दूर रहना पड़ता है. अगर बंकर हो तो अपने घरों में महफूज रह सकते हैं. जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की ओर से गोलीबारी के बाद सीमावर्ती इलाकों में अपना घर छोड़ने के लिये मजबूर हुए लोग स्कूलों में बनाए गए शिविरों में रहने को मजबूर हैं. इन लोगों ने अब सरकार से अपने घरों पर व्यक्तिगत बंकर बनाये जाने की मांग की है.

पाकिस्तानी फायरिंग की वजह से 23 बस्तियां करनी पड़ी खाली

पाकिस्तान की तरफ से की जाने वाली भारी गोलाबारी की वजह से करीब चार महीने पहले राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर 23 बस्तियों में रहने वाले 5,000 से ज्यादा लोगों को मजबूरन अपने घरों को छोड़ना पड़ा. हाल में राजौरी के अलग-अलग सेक्टरों में पाकिस्तान की तरफ से की गयी गोलीबारी में चार नागरिकों की मौत हो गयी जबकि पांच अन्य घायल हो गए.

किसने क्या कहा

- जनगढ़ निवासी पुरषोत्तम कुमार ने कहा- हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि अगर हमें दोबारा नियंत्रण रेखा पर रखना है तो सरकार को सीमा पर बसे प्रत्येक घर में बंकर बनाए.

- अगर सभी निवासियों को उनके घरों पर बंकर मिलते हैं तो कोई भी नियंत्रण रेखा पर बसे गांवों को नहीं छोड़ेगा चाहे पाकिस्तान कितनी भारी गोलीबारी क्यों ना करें.

- नौशेरा के विधायक रविंदर रैना ने भी उनकी मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि भूमि का एक हिस्सा नियंत्रण रेखा पर रहने वाले लोगों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि वे सुरक्षित ठिकाना बना सकें.

- सैर माकरी गांव की निवासी सर्वेश्वरी देवी ने कहा कि ऐसे में हम कैसे वापस लौट सकते हैं जब पाकिस्तानी सेना हमारे घरों पर गोलीबारी कर रही है? हम दशकों से पाकिस्तान की आक्रामकता का सामना कर रहे हैं. पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे की गोलीबारी के लिए आसान निशाना बनने के बजाय हम अपने घरों से दूर रहने को तरजीह देते हैं।

- केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा

कुछ और वक्त रुकिये, पाकिस्तान को गोलीबारी बंद करने के लिये मजबूर होना पड़ेगा. वे चाहे गोलीबारी आज बंद करें या कल उन्हें गोलीबारी और संघर्ष विराम उल्लंघन रोकना पड़ेगा. सीमा पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए जो कुछ भी संभव होगा, मैं करुंगा. आप अनावश्यक समस्याओं का सामना कर रहे हैं. कहा- मैं जानता हूं कि चाहे भारत-पाक सीमा या दुनिया में कोई भी सीमा हो अगर स्थानीय लोग वहां नहीं रह रहे हैं और अगर सीमावर्ती क्षेत्र खाली है तो आप कभी नहीं जान पाएंगे कि कौन सा विदेशी वहां आता है और अपनी गतिविधियां तथा सीमावर्ती भूमि का अतिक्रमण करना शुरू कर देता है। इसके बारे में कुछ भी भरोसे के साथ नहीं कहा जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक संपत्ति देश की सीमाओं पर रह रहे भारतीय नागरिक हैं।सिंह ने सीमा पर रहने वाले लोगों को बताया कि वह मौसम की खराब परिस्थितियों के कारण पहले उनसे नहीं मिल सकें और उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी मांगों के बारे में बताया गया है और जो भी संभव होगा, वह करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री से बात करने की जरूरत हुई तो मैं उनसे भी बात करुंगा. उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि सीमावर्ती इलाकों में भी अर्ध सैनिक बलों में भर्तियां की जायेंगी. 

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