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बकोरिया कांड: मृतक के परिजन को 20 लाख देकर केस मैनेज करने की कोशिश

News Wing

Ranchi, 07 December:
आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में कुल 12 लोग मारे गए थे. इस मामले में अब हर दिन नये तथ्य सामने आ रहे हैं. जो मुठभेड़ के फर्जी होने की ओर इशारा करता है. ताजा तथ्य यह सामने आया है कि बुधवार की शाम को लातेहार से मृतक (पारा टीचर उदय यादव) के पिता व पत्नी सीआइडी के एडीजी  एमवी राव से मिलने पहुंचे व उनसे न्याय की गुहार लगायी. उन्होंने बताया कि उन्हें सतबरवा थानेदार के रिश्तेदार ने केस मैनेज करने के नाम पर 20 लाख रुपये का ऑफर किया है. यह ऑफर उसने चार दिसंबर को किया था. साथ ही उसने यह भी कहा कि केस उठा लो क्योंकि पुलिस के हाथ लंबे होते हैं और तुमलोग पुलिस से नहीं जीत पाओगे. पीड़ित परिवार ने आवेदन देकर एडीजी से कहा है कि अगर उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिलेगा तो वे राजभवन से सामने सपरिवार आत्मदाह कर लेंगे. उन्होंने बताया कि पैसा लेकर समझौता करवाने वाले ने अपना नाम रहीश अंसारी बताया है. गौरतलब है कि पीड़ित परिवार शुरू से ही पूरे मामले की सीबीआइ से जांच करवाने की मांग करता रहा है.

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पैसे लेकर समझौता करने का मिला ऑफर

मृतक के पिता जवाहर यादव ने एडीजी को दिए आवेदन में बताया कि चार दिसंबर को उनके आवास पर रहीश अंसारी नाम का व्यक्ति उनके घर पहुंचा. उसने खुद को सतबरवा के तत्कालीन थानेदार रूस्तम अंसारी का करीबी बताया. उसने अपने घर का पता पांकी के नौडीहा बताया और अपना नंबर 9939804726 बताया. उसने मुझसे से कहा कि पैसे लेकर समझौता कर लो.

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बकोरिया कांड झूठ है

स्व. उदय यादव के पिता जवाहर यादव व पत्नी मंजू देवी का कहना है कि बकोरिया कांड झूठ है. पुलिस झूठ के मुठभेड़ में निर्दोष लोगों को मारकर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है. अब जब पुलिस की गर्दन फंसने लगी तो अधिकारी अप्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी माध्यम से पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं.

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पुलिस के रवैये से न्याय की उम्मीद कम

पारा टीचर उदय यादव के घर में उनकी विधवा पत्नी मंजू देवी, पिता जवाहर यादव, मां गीता देवी, दो बच्चे तुषार कुमार व प्रियांशु कुमारी हैं. जवाहर यादव ने बताया कि उक्त कांड का अनुसंधान इतनी धीमी गति से चल रही है कि न्याय की उम्मीद कम लग रही है. चार दिसंबर को ही सीआइडी ने पूरे परिवार का बयान लिया था, लेकिन पुलिस का जो रवैया दिखा, उससे न्याय की उम्मीद कम लग रही है.

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क्या है  बकोरिया कांड

आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में हुए कथित मुठभेड़ में 12 लोगों के मारे जाने की घटना में तत्कालीन डीआईजी हेमंत टोप्पो और एसआई हरीश पाठक का बयान दर्ज करने के बाद सीआईडी ने ग्रामीणों का बयान भी दर्ज कर लिया है. सोमवार को सीआईडी की टीम ने घटनास्थल के आसपास के ग्रामीणों का बयान दर्ज किया. ग्रामीण सूत्रों ने बताया है कि सीआईडी टीम को दिए बयान में कई ग्रामीणों ने साफ कहा है कि आठ जून 2015 की रात कोई मुठभेड़ नहीं हुआ था. ग्रामीणों ने अपने बयान में कहा है कि जेजेएमपी के उग्रवादियों ने सभी को पकड़ कर मार दिया था. बाद में पुलिस ने मुठभेड़ की कहानी बनायी. उल्लेखनीय है कि घटना के वक्त पलामू में पदस्थापित पुलिस के अफसरों ने भी अपने बयान में मुठभेड़ को संदिग्ध माना है.

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