Skip to content Skip to navigation

बिहार के जर्दालु आम, कतरनी धान, मगही पान को मिला जीआई टैग

News Wing

Patna, 05 December : बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने आज बताया कि राज्य के विशेष उत्पाद जर्दालु आम, कतरनी धान एवं मगही पान को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिलने से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा ज्योग्राफिकल इंडिकेशन जर्नल में बिहार के कतरनी धान, भागलपुरी जर्दालु तथा मगही पान को राज्य के बौद्धिक सम्पदा अधिकार के अन्तर्गत रखा गया है.

जर्दालु आम को भागलपुर का अद्वितीय उत्पाद माना गया

प्रेम कुमार ने कहा कि ज्योग्राफिकल इंडिकेशन जर्नल के 28 नवंबर के अंक में भागलपुर के जर्दालु आम उत्पादक संघ, मधुबन, ग्राम-महेशी, प्रखंड-सुल्तानगंज को बागवानी उत्पादन (फल) के अधीन स्वीकृति प्रदान की गई है. उन्होंने बताया कि इस पत्रिका द्वारा जर्दालु आम को भागलपुर का अद्वितीय उत्पाद माना गया है. माना जाता है कि जर्दालु आम को सर्वप्रथम अली खान बहादुर द्वारा इस क्षेत्र में पहली बार लगाया गया था. विशेष सुगन्ध वाला यह आम हल्के पीले रंग का होता है.

कतरनी धान भी पंजीकृत 

कतरनी धान उत्पादक संघ ग्राम-जगदीशपुर, भागलपुर के आवेदन पर कतरनी धान को भी पत्रिका द्वारा पंजीकृत किया गया है. कतरनी धान अपने आकार तथा सुगन्ध के लिए मशहूर है. उन्होंने कहा कि नवादा जिला के देवडी गांव स्थित मगही पान उत्पादक कल्याण समिति के आवेदन को भी पत्रिका ने स्वीकार कर लिया.

मगही पान अपनी कोमलता एवं स्वाद के लिए प्रसिद्ध 

प्रेम कुमार ने बताया कि नवादा जिले के किसानों द्वारा परम्परागत रूप से मगही पान का उत्पादन किया जाता है. नवादा के अलावा औरंगाबाद और गया के भी किसान मगही पान की खेती करते हैं. मगही पान अपनी कोमलता एवं स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार के अन्य विशिष्ट उत्पादों जैसे शाही लीची एवं मखाना को भी इस सूची में सम्मिलित कराने के प्रयास होंगे.

Lead
Share

Add new comment

loading...