litrature

अंग्रेजिया कॉलेजिया बाबू हो, बुद्धि, शिक्षा और संस्कार से च्युत हो, अगर तुम्हारा मूल-गोत्र व पुरखे का नाम पूछ दिया जाए तो दाँत निपोड़ लोगे

Submitted by NEWSWING on Tue, 04/17/2018 - 09:53
"खट्टरकाका "की डायरी से Vijay deo jha खट्टारकका: आबह सी.सी. आई तोहर मोन किएक उतरल छौ। सी.सी. मिश्रा: मोन इसलिए झुंझुआन और कोनादन कर रहा है कि आई मधुबनी पेंटिंग से सज्जनित मधुबनी रेलवे स्टेशन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान स्थान बनाने से चूक गया। 7000 वर्ग फ़ीट दीवाल पर 180 कलाकारों ने दिनरात मेहनत कर मधुबनी पेंटिंग बनाया लेकिन रेलवे के हाकिम इतने ही मुर्खाधिपति थे कि उन्होंने रेकॉर्ड बनाने के अभियान की शुरुआत से पहले गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जरूरी रजिस्ट्रेशन करबाया ही नहीं था। सब उदास हैं।

हमने पकड़ी पत्रकारिता की वह अंगुली (किस्त-2)

Submitted by NEWSWING on Mon, 02/26/2018 - 16:47

- नवीन जोशी

मई 2017 की एक दोपहर जब में यह लिखने बैठा हूं तो 21 सितम्बर 1977 को यानी चालीस वर्ष पहले बनायी मेरी एक खबर की जीर्ण-शीर्ण कॉपी मेरे सामने खुली है, जिस पर अशोक जी कलम की लाल स्याही अब भी चमक रही है. समाचार एजेंसियों के तार पढ़ने के बाद मैंने खबर लिखी थी-

हमने पकड़ी पत्रकारिता की वह अंगुली (क़िस्त-1)

Submitted by NEWSWING on Thu, 02/22/2018 - 16:55

इधर के कुछ वर्षों में लचर और करीब-करीब रीढ़हीन हो चुकी भारतीय पत्रकारिता ने अनेक गौरवशाली दौर देखे हैं. नवीन जोशी ऐसे ही एक दौर के एक दिग्गज सम्पादक अशोकजी को याद कर रहे हैं. यह लाजवाब और आत्मीय संस्मरण नए समय के पत्रकारों-संपादकों के लिए कई मायनों में एक तरह की दिशा-निर्देशिका साबित होगा. चार भागों में छपे इस संस्मरण की पहली कड़ी:

रांची : संविधान, लोकतंत्र और हम विषय पर परिचर्चा, वक्ताओं ने कहा- लोकतंत्र को धराशायी करने की हो रही कोशिश

Submitted by NEWSWING on Thu, 01/25/2018 - 20:52

Ranchi : साहित्यकार रवि भूषण ने कहा कि देश का माहौल हमें कई बातों की ओर ध्यान दिलाता है. मौजूदा माहौल में लोकतंत्र के स्तंभ को धाराशायी करने की कोशिश की जा रही है.

झारखंड फिल्म नीति आयोग के सदस्य बुलू घोष नहीं रहे, शोक में डूबा झारखंडी कला जगत

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/23/2018 - 16:20

Ranchi: झारखंड फिल्‍म नीति आयोग के सदस्‍य बुलू घोष का रांची के थड़पखना स्थित आवास में निधन हो गया. बुलू करीब 55 साल के थे. उन्‍होंने अपनी पूरी जिंदगी झारखंड की लोक संस्‍कृति और संगीत को बढ़ावा देने में गुजार दिया.

ललित कला अकादमी ने की 15वें राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कारों की घोषणा

Submitted by NEWSWING on Mon, 01/15/2018 - 13:34

New Delhi : ललित कला अकादमी ने 15वें राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की. अकादमी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 59 वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2017-18 का उद्देश्य सौंदर्यात्मक अपील और माध्यमों के उपयोग के सम्बन्ध में श्रेष्ठ कलाकृतियों को प्रदर्शित करना है. प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिशिल्प, ग्राफिक, फोटोग्राफी, ड्राइंग, संस्था और बहुमाध्यम सरीखे वृहद कला माध्यमों की कलाकृतियाँ शामिल की गईं.  बयान में कहा गया कि इस प्रदर्शनी के लिए हमारे सम्मानित निर्णायक मंडल द्वारा 15 पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया है.

साहित्य अकादमी पुरस्कार : हिंदी के मेघ, उर्दू के एहसास समेत 24 लेखक होंगे सम्मानित

Submitted by NEWSWING on Thu, 12/21/2017 - 18:00

New Delhi : विविधता भरे भारत के बहुल भाषी साहित्य को राष्ट्रीय चेहरा प्रदान करने वाली संस्था साहित्य अकादमी ने आज गुरुवार को हिंदी में रमेश कुंतल मेघ की ‘विश्वमिथकसरित्सागर’ और उर्दू के बेग एहसास की ‘दख़मा’ सहित 24 भाषाओं की कृतियों को पुरस्कार के लिए चुना. साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव ने यहां एक प्रेसवार्ता में 24 भाषाओं में साहित्य अकादमी और वार्षिक अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा की.