अमेरीका ने फ्रांस, ब्रिटेन के साथ मिलकर किया सीरिया पर हमला, रुस ने परिणाम भुगतने की दी चेतावनी

Submitted by ADMIN on Sat, 04/14/2018 - 07:39

Newswing desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज घोषणा की कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में बशर अल असद की सरकार के खिलाफ आज सैन्य हमले शुरू किएये हमला बीते हफ़्ते सीरियाई कस्बे दूमा में हुए कथित रासायनिक हमले की प्रतिक्रिया के रूप में किया गया है. ट्रंप ने युद्धग्रस्त देश पर अपने ही लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगायाअमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि संयुक्त कार्रवाई का मकसद रासायनिक हथियारों के उत्पादन, प्रसार और इस्तेमाल के खिलाफ ‘‘मजबूत प्रतिरोधक’’ तंत्र स्थापित करना है.  डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीरिया के खिलाफ ‘‘सटीक हमलों’’ के आदेश दिए है. सीरिया के डूमा में पिछले सप्ताह  के अंत  में संदिग्ध जहरीली गैस हमले में कई लोग मारे गए थे.

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रासयानिक हथियारों का इस्तेमाल हो बंद: ट्रंप

मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रंप ने देश के नाम अपने एक संदेश में कहा है, ‘‘यह किसी व्यक्ति की कार्रवाई नहीं है, यह एक दानव के अपराध हैं.’’  उन्होंने कहा कि अमेरिका, सीरिया पर तब तक दबाव बनाए रखेगा जब तक असद सरकार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल बंद नहीं कर देती. उन्होंने सीरियाई सरकार के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस का आभार जताया. फ्रांस और ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं के साथ संयुक्त अभियान चल रहा है. हम दोनों देशों का आभार जताते हैंउन्होंने कहा, ‘‘आज ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने क्रूरता और नृशंसता के खिलाफ अपने उचित अधिकारों का इस्तेमाल किया.’’  ट्रंप ने गत शनिवार को डूमा में कथित अत्याचार का जिक्र करते हुए ‘‘निर्दोष नागरिकों का वध करने के लिए रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने पर’’ असद सरकार पर निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि उनके पास आपराधिक असद सरकार की मदद करने के लिए जिम्मेदार दो सरकारों के लिए संदेश है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ईरान और रूस से मैं पूछता हूं कि वह देश किस तरह का है जो निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार से जुड़ना चाहता है.’’ 

ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने इस हमले में ब्रिटेन के शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा है, "बल प्रयोग के अलावा कोई और व्यावहारिक विकल्प नहीं था."हालांकि, उन्होंने ये भी कहा है कि इस मिसाइल हमले का मकसद "सत्ता परिवर्तन" नहीं था.

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इस बीच, विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के पास इस बात के सबूत हैं कि सीरियाई नेता बशर अल असद की सरकार ने विद्रोहियों के कब्जे वाले डूमा में पिछले सप्ताहांत रासायनिक हथियार हमले किए थे. 

रूस के राष्ट्रपति का अपमान नहीं किया जाएगा बर्दाश्तः रूसी दूतावास

वहीं, रूस ने भी अमेरिका के खिलाफ सख्त तेवर अख्तियार कर लिया है. अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीरिया पर हवाई हमले से रूस और अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के बीच टकराव होने की आशंका बढ़ गई है. अगर दोनों देशों के बीच जंग शुरू हुई, तो इसके विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं.

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