योगी सरकार ने भेजा चिन्मयानन्द पर चल रहे रेप केस को खत्म करने का पत्र, पीड़िता ने कहा – जारी हो वारंट

Submitted by NEWSWING on Wed, 04/11/2018 - 17:39

पीड़िता का कहना है कि यही भाजपा बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान मेंका नारा दे रही थी और अब वही पार्टी मेरा मुकदमा खत्म करा रही है, जो दुखद है.

Shahjahanpur : उत्तर प्रदेश सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के विरुद्ध चल रहे रेप के एक मुकदमे को वापस लिये जाने के आदेश संबंधी एक पत्र शाहजहांपुर जिला प्रशासन को भेजा है. जबकि इस मामले पर रेप पीड़िता ने राष्ट्रपति को एक पत्र भेजकर सरकार के इस कदम पर   आपत्ति दर्ज कराया है और चिन्मयानन्द के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की है. 

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सर्वेश दीक्षित ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर धारा 376 (बलात्कार) और 506 (धमकाने) के तहत दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने का आदेश जिला प्रशासन को जारी किये हैं. इस बीच राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों से इस मामले पर कहा कि सरकार ने पुराने मामले वापस लिये जाने की बात कही है. लेकिन वह वास्तव में वापस लिया जाएगा या नहीं, इसका फैसला अदालत ही करेगी. साथ ही मंत्री ने कहा कि यदि सरकार के इस कदम पर किसी को भी  आपत्ति है तो वह उसे अदालत में चुनौती दे सकता है.

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बहरहाल इस बारे में अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार सिंह की ओर से मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को भेजे गये पत्र में कहा है कि सरकार ने बीते छह मार्च को भेजे गये पत्र में चिन्मयानन्द पर चलने वाले मुकदमा वापस लेने का निर्णय है. वहीं दूसरी ओर चिन्मयानन्द पर रेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला ने राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और जिला जज को पत्र भेजकर राज्य सरकार के इस कदम पर आपत्ति दर्ज करायी है. उसने कहा है कि पूर्व गृह राज्यमंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना चाहिए.

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पीड़िता का कहना है कि यही भाजपा बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान मेंका नारा दे रही थी और अब वही पार्टी मेरा मुकदमा खत्म करा रही है, जो बेहद दुखद है. सरकार को कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिये थी. मैंने अदालत में इस आशय का प्रार्थनापत्र दे दिया है कि आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करके उसे जल्द से जल्द जेल भेजा जाए.  गौरतलब है कि जौनपुर से सांसद रहे स्वामी चिन्मयानंद तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे. उस वक्त उनके संपर्क में आयी एक महिला उनके एक विद्यालय में प्राचार्य थी. उसने 30 नवम्बर 2011 को चिन्मयानन्द के खिलाफ शहर कोतवाली में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था.

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