थर्ड वर्ल्ड वार आपके द्वार, रूस के जंगी जहाज सीरिया की ओर बढ़ रहे हैं  

Submitted by NEWSWING on Mon, 04/16/2018 - 19:57

Damisk : थर्ड वर्ल्ड वार की आहट सुनाई देने लगी है. इस दिशा में दुनिया शायद एक कदम आगे बढ़ चुकी है. अंतर्राष़्ट्रीय मीडिया की खबरों के अनुसार रूस के जंगी जहाज सीरिया की ओर बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट कहती है कि रविवार को सीरिया के रास्ते में दो रूसी जंगी जहाज मिलिट्री गाड़ियों के साथ स्पॉट किये गये. इन जंगी जहाजों पर टैंक, मिलिट्री ट्रक और हथियारों से लैस नावें थीं. इस क्रम में एक जहाज को तुर्की के पास बॉस्फोरस में देखा गया. जहाज के फोटो बॉस्फोरस स्थित एक समुद्री पर्यवेक्षक ने ट्विटर पर पोस्ट किये हैं. बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा रूस के प्रस्ताव को भारी बहुमत से खारिज करने के बाद पुतिन ने जनता से कहा था वे तीसरे युद्ध के लिए तैयार हो जायें. यह बताने की जरूरत नहीं है कि आज सीरिया दुनिया की जंग का अखाड़ा बन चुका है.

इसे भी पढ़ें - अमेरिका ने सीरिया पर दागीं 1100 करोड़ रुपये की 120 मिसाइलें, रूस ने कहा- तीसरे वर्ल्ड वार के लिए रहें तैयार

दुनिया के सिरमौर देश सीरिया को बमबारी का केंद्र बनाये हुए हैं

दुनिया के सिरमौर देश सीरिया को बमबारी का केंद्र बनाये हुए हैं. यहां तक कि यूएनएससी जैसी संस्थाएं शांति स्थापित करने, युद्ध रोकने और जान-माल की क्षति रोकने में नाकाम साबित हो रही है. रूस की कवायद से पूर्व ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर अमेरिका ने सीरिया के सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किये. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने मिशन को सफल बताते हुए कहा कि हमने सफलतापूर्व सभी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किये. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने सीरिया पर हमले के लिए एक झटके में 1100 करोड़ रुपये खर्च कर दिये.

इसे भी पढ़ें - कठुआ गैंगरेप: UN ने घटना को बताया ‘भयावह’,कहा- दोषियों को दें कड़ी सजा

शनिवार तड़के अमेरिका ने सीरिया पर 120 मिसाइलें दागीं

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार शनिवार तड़के अमेरिका ने सीरिया पर 120 मिसाइलें दागीं. बता दें कि सीरिया संकट को लेकर कई देशों की गुटबंदी हिंसक रूप ले रही है. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने जहां सीरिया पर आरोप लगाया है कि वह रासायनिक हथियार का इस्तेमाल कर रहा है, वहीं रूस और सीरिया सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की. बता दें कि  2011 में जब अरब के कई देशों में जैस्मिन क्रांति शुरू हुई थी,  तभी सीरिया में भी इसकी शुरुआत हुई थी. लेकिन सात साल बाद भी सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सेना और विद्रोहियों के बीच युद्ध जारी है. आंकड़ों के अनुसार पांच लाख लोग अब तक मारे जा चुके हैं और इससे भी कई गुणा ज्यादा लोग शरण लेने के लिए पड़ोस के देशों की ओर पलायन कर चुके हैं. सीरिया के कई शहर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. सीरिया के रासायनिक हमलों के खिलाफ फ्रांस, ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर सीरिया पर मिसाइल हमला किया. सऊदी अरब और तुर्की अमेरिका के समर्थन में है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

loading...
Loading...