कठुआ गैंगरेप केस: सुप्रीम कोर्ट का मुफ्ती सरकार को निर्देश-पीड़ित परिवार को दें सुरक्षा, पिता की मांग चंडीगढ़ में हो मामले की सुनवाई

Submitted by NEWSWING on Mon, 04/16/2018 - 16:58

NewDelhi: कठुआ गैगरेप और मर्डर मामले में जहां देश भर में उबाल जारी है. वही अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के पिता की याचिका पर जम्मू-कश्मीर सरकार को पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिये हैं. साथ ही पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि इस केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर से बाहर हो. कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है. इस मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी.

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सरकार मुहैया कराये सुरक्षा

सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित पक्ष की वकील इंदिरा जयसिंह द्वारा कहा गया कि वहां माहौल निष्पक्ष सुनवाई के लायक नहीं है. वकील ने दलील दी कि माहौल एकतरफा हो गया है. हालांकि पीड़ित परिवार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा है और वो इसकी सीबीआई से जांच नहीं चाहते हैं. लेकिन वकील ने कहा कि इस केस की सुनवाई कठुआ के बजाय चंडीगढ़ में हो, क्योंकि अगर केस कठुआ में चलेगा तो हमें न्याय नहीं मिलेगा, और हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट केस की मॉनीटरिंग करे. इधर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि पीड़ित परिवार और उनकी पैरवीकार वकील को सुरक्षा मुहैया करायें. जम्मू-कश्मीर के जिला और सत्र न्यायालय में पीड़ित पक्ष की पैरवी वकील दीपिका सिंह राजवात कर रही हैं.  उन्होंने अज्ञात लोगों द्वारा धमकी दिये जाने की बात कही. 

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बार एसोसिएशन के वकीलों ने अलग-थलग कर दिया है: राजावत

पीड़ित परिवार की तरफ से परैवी कर रही वकील दीपिका सिंह राजावत के अनुसार, उन्हें बार एसोसिएशन के वकीलों ने अलग-थलग कर दिया है. कोर्ट में प्रैक्टिस करने से भी रोका जा रहा है. कहा कि मुस्लिम लड़की को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ने पर उन्हें हिंदू विरोधी कहा जा रहा है. समाज से निकालने की बात की जा रही है. बता दें कि  जहां तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की बात है तो उसने वकीलों से जुड़े विवाद की जांच के लिए एक पैनल बनाया है. ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों पर आरोप है कि वे रेप मर्डर के आरोपियों को स्पोर्ट कर रहे हैं.

CJM कोर्ट में आरोपियों की पेशी

सोमवार को बच्ची की गैंगरेप के बाद मर्डर के सात आरोपियों की जिला और सत्र न्यायालय में पेशी हुई. न्यायालय के सामने आरेापियों खुद को बेकसूर बताते हुए उनका नार्को टेस्ट कराने की मांग कर डाली. हालांकि कोर्ट ने केस की अगली सुनवाई 28 अप्रैल तय की. इसी क्रम में इस केस के आठवें नाबालिग आरोपी ने सोमवार को कोर्ट में जमानत की अर्जी दी. उस पर सुनवाई 26 अप्रैल को की जायेगी.

 

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