करते हैं ऑनलाइन शॉपिंग तो रखें इन बातों का ख्याल

Submitted by NEWSWING on Mon, 04/09/2018 - 10:37

News Wing Desk : ऑनलाइन शॉपिंग ने लोगों की लाइफ कई तरीके से आसान बना दी है. हर चीज खरीदने के लिए आपको लोकल स्टोर्स पर भागा-दौड़ी नहीं करनी होती है. लेकिन कभी-कभी यह सहूलियत व्यक्ति को महंगी पड़ जाती हैं. कुछ सामान ऐसे होते हैं जो खुद किसी दुकान पर जाकर ही खरीदें तो अच्छा होता हैं. जरूरी नहीं हैं ऑनलाइन शॉपिंग में जो प्रोडक्ट डिस्प्ले हो वह अच्छे क्वॉलिटी के ही हो. हमें ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले समझदारी और सावधानी  दोनों ही बरतनी चाहिए. शॉपिंग शुरू करने से पहले याद रखिए कि कंप्यूटर में एंटी-वायरस जरूर होना चाहिए. साथ ही यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे ये आसान सी बातें याद रखकर आप खुद को धोखाधड़ी से बचा सकते है और कौन से ऐसे सामान है जिन्हें ऑनलाइन खरीदने से बचना चाहिए. आइये पहले जानते है कौन-कौन से सामान हमें ऑनलाइन खरीदने से बचना चाहिए........

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प्रिस्क्रिप्‍शन ड्रग्स

किसी भी तरह की दवाई जिसकी आपको जरूरत है उसे ऑनलाइन ना मंगाए. स्थानीय दुकान से खरीदें और बकायदा उसका बिल लें. क्योंकि एक तो दवाई तीन से चार दिन के बाद आएगी और वो सही डेट की हो इसकी गारंटी नहीं है.

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प्रिस्क्रिप्‍शन ड्रग्स

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मेकअप प्रोडक्ट्स

जाने-माने ब्रांड का काजल या मस्कारा तो ऑनलाइन खरीद सकती हैं लेकिन लिपस्टिक, फाउंडेशन और कंसीलर जैसे प्रॉडक्ट बिना ट्राई किए न खरीदें. यही बात डिओ पर भी लागू होती है. ऑनलाइन शॉपिंग में रिटर्न करने की सुविधा होने के बाद भी कुछ चीजें सील खुल जाने या यूज होने के बाद वापस नहीं होतीं.

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मेकअप प्रोडक्ट्स

जूते

अगर आपको अपने पैर के नाप में जरा भी कन्फ्यूजन हो तो ऑनलाइन फुटवियर न खरीदें. फिटिंग में जरा भी गड़बड़ी होने पर आपको परेशानी हो सकती है, रिटर्न करने पर जरूरी नहीं कि आपके साइज में वही कलर और डिजाइन आपको मिल जाए जो आपने पसंद किया था.

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जूते

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जींस

कई बार आपको ब्रांडेड जींस ऑनलाइन डिस्काउंट पर अच्छी खासी मिलती नजर आती है तो आपका खरीदने का मन हो ही जाता है. लेकिन वास्तव में फिटिंग के लिहाज से ऑनलाइन जींस सही डिसीजन नहीं है. आपने खुद देखा होगा जब आप स्टोर में शॉपिंग करने जाते हो तो तब तक ट्राइल रूम में जींस ट्राइ करते हो जब तक की परफेक्ट फीटिंग नहीं आ जाती. अब ऐसे में ऑनलाइन ऑर्डर करना कहां की समझदारी हो सकती है.

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जींस

पेट्स

सभी पेट्स ऑनलाइन बड़े क्यूट दिखते हैं लेकिन वास्तव में ऐसा है कि नहीं कुछ कह नहीं सकते. जो आपके सेलर ने वादा किया है उसकी बजाए आपको मिक्स्ड ब्रीड मिल सकती है. सेलर को खुद को पता नहीं होगा कि उस जानवर को कौन सी वैक्सीनेशन दिए गए हैं और उसकी आदतें क्या है.

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पेट्स

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ग्रॉसरी

लोग सब चीज की होम डिलीवरी चाहते हैं और लोकल ग्रॉसरी शॉप जाने में तो उन्हें बहुत आलस आती है. लेकिन अगर आप फ्रूट्स, वेजीटेबल्स को भी ऑनलाइन मंगाएंगे तो उसे चेक करके नहीं देख सकते हैं. हो सकता है कि आपको वैसी क्वॉलिटी न मिले जो आप चाहते हैं.

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ग्रॉसरी

ज्वेलरी

ज्वैलरी कभी भी ऑनलाइन ना मंगाए. क्योंकि जब आप इसे दुकान से लेते हैं तो अच्छी तरह से चेक करके और माप के लेते हैं. जबकि ऑनलाइन ज्वैलरी में वजन का माप आप पता नहीं कर पाते और रसीद व कंपनी की भी आपके पास कोई गारंटी नहीं होती.

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ज्वेलरी

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बरतें ये सावधानियां

1. अनजान साइट से न करें शॉपिंग
ऑनलाइन खरीदारी के समय इंटरनेट सिक्युरिटी बेहद जरूरी है. इसका मतलब यह है कि आप हमेशा किसी भरोसे वाली साइट से ही खरीदारी करें. अगर आप किसी अनजान साइट से पेमेंट करते हैं तो हो सकता है कि आपका एकाउंट कुछ ही घंटों में साइबर क्राइम के घेरे में आकर खाली हो जाए. वहीं अनजान साइट से शॉपिंग करने पर आप इस रकम को क्लेम भी नहीं कर पाएंगे.

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अनजान साइट से न करें शॉपिंग

2) http और https में फर्क समझें
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं तो सबसे पहले ध्यान रखें कि जिस वेबसाइट से सामान खरीद रहें है उसके एड्रेस में https हो, न कि http. यहां इस जुड़े 'S' का मतलब सिक्योरिटी की गारंटी से होता है. इसका मतलब है कि यह साइट फेक नहीं है. हालांकि  कभी-कभी यह 'S' लेटर वेबसाइट में तब जुड़ता है जब बारी ऑनलाइन पेमेंट करने की आती है.

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http और https में फर्क समझें

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3) वेबसाइट की पूरी जानकारी चेक करें
हमेशा यह चेक करें कि जहां से आप सामान खरीद रहे हैं उसका पता, फ़ोन नंबर और ईमेल एड्रेस वेबसाइट पर लिखा ही हो. जहां धोखाधड़ी की गुंजाइश होती है वहीं अक्सर जानकारी छिपाई जाती है.

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वेबसाइट की पूरी जानकारी चेक करें

4) पेमेंट सिस्टम
इसके अलावा एक और बात ध्यान दी जाने वाली है वो ये कि क्या आप वेबसाइट के पेमेंट सिस्टम में वेरीफाइड बाइ वीज़ा या मास्टरकार्ड सिक्योरकोड के जरिए पेमेंट कर सकते हैं? इसका जवाब हमेशा हां होना चाहिए क्योंकि यह धोखाधड़ी से आपको बचाने में मदद करता है. अगर इन सब जांच परख के बाद आप संतुष्ट हैं तभी खरीदारी करें.

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पेमेंट सिस्टम

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5) कंपनी की शर्तों को ढंग से समझें 
अक्सर ऐसा होता है कि कंपनियां 500 रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर फ्री डिलिवरी का ऑफर देती हैं. कस्टमर को भी यह काफी सुविधाजनक लगता है. लेकिन कभी-कभी फ्री डिलिवरी के साथ ही कुछ शर्तें भी लिखी रहती हैं, जिन पर कस्टमर ध्यान नहीं देते और इस वजह से बाद में उनको अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है. ये वो चार्ज होते हैं जो कस्टमर को लुभाने के लिए शुरू में बताए ही नहीं जाते.

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कंपनी की शर्तों को ढंग से समझें 

6) सामान को तुरंत चेक करें
कई बार ऐसे मामले सामने आए है जिनमें कंपनियों की खूब धांधली देखने को मिलती है. कई लोग अपना ऑर्डर खोल के देखते है तो उसमें पुरानी चीजें या फिर दी गई जानकारी से हटकर घटिया स्तर का सामान मिलता है. इसलिए सामान को डिलीवरी बॉय के सामने ही चेक करें. अगर कुछ गड़बड़ी लगे तो उसी के सामने ही सामान की तस्वीर लेकर रख  लें. ऐसे में रकम क्लेम करने में आसानी होगी.

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सामान को तुरंत चेक करें

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