कलबुर्गी हत्याकांड में NIA, CBI, कर्नाटक व महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कलबुर्गी और लंकेश की हत्याओं में कई समानताएं

Submitted by NEWSWING on Wed, 01/10/2018 - 15:18

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने जाने-माने लेखक और तर्कवादी एमएम कलबुर्गी की हत्या की एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका पर जांच एजेंसियों एनआईए, सीबीआई, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक राज्य की सरकारों को नोटिस जारी किया और छह सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा. गौरतलब है कि कलबुर्गी की वर्ष 2015 में हत्या कर दी गई थी.

कलबुर्गी की पत्नी की याचिका पर कोर्ट ने छह सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने लेखक की पत्नी उमा देवी कलबुर्गी की याचिका पर जांच एजेंसियों तथा दोनों राज्यों की सरकारों से इस पर छह सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा. कलबुर्गी की पत्नी की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पति की हत्या के मामले में अब तक कोई ठोस जांच नहीं की गयी है.

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गोली मारकर की गयी थी हत्या

उल्लेखनीय है कि हम्पी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और जाने-माने विद्वान तथा पुरालेखवेत्ता कलबुर्गी की 30 अगस्त 2015 को कर्नाटक के धारवाड़ में कल्याण नगर स्थित उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. वह 77 वर्ष के थे. कलबुर्गी साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कन्नड़ साहित्यकार थे. उनकी हत्या के बाद कर्नाटक में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए आवाज उठायी थी.  इस हत्या के पीछे परंपरागत धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ कलबुर्गी की लड़ाई को भी एक वजह बताया जा रहा था.

पत्रकार गौरी लंकेश और कलबुर्गी की हत्या एक ही पिस्तौल से !

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या उसी तरह की पिस्तौल से की गई जिससे दो साल पहले कन्नड़ बुद्धिजीवी एमएम कलबुर्गी की हत्या की गई थी. इंडियन एक्सप्रेस  के मुताबिक गौरी लंकेश हत्याकांड की शुरुआती फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आयी थी. गौरी की हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल के गोलियों और कारतूस की जांच करने पर पता चला था कि उनपर 7.65-एमएम की पिस्तौल से गोली चलायी गयी थी. वही कलबुर्गी की हत्या में भी इसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया था.

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आपस में जुड़ते हैं गौरी और कलबुर्गी के हत्या के तार

रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी मामले की जांच कर रही एसआईटी को दे दी गई थी. इससे पहले 12 सितंबर 2017 को खबर आयी थी कि इन दोनों हत्याओं के तार आपस में जुड़ते हैं. चार सितंबर को गौरी लंकेश की अनजान हमलावरों ने उनके घर में ही हत्या कर दी थी. 30 अगस्त, 2015 को एमएम कलबुर्गी की हत्या भी कर्नाटक के धारवाड़ स्थित उनके घर में की गई थी.

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