जेपीएससी को जांचने होंगे मुख्य परीक्षा के दो लाख से ज्यादा कॉपियां, फिर एक साल लटक सकता है रिजल्ट 

Submitted by NEWSWING on Mon, 02/12/2018 - 18:47

Kumar Gaurav

Ranchi : छठी जेपीएससी के लिए सरकार ने तीसरी बार पीटी परीक्षा के रिजल्ट का संशोधन किया. रिजल्ट नेतरहाट में हुए कैबिनेट मीटिंग में तय किया गया. कैबिनेट ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने ये कहा कि इस रिजल्ट के बाद किसी भी छात्र को कोई परेशानी नहीं होगी. हो सकता है कि छात्रों को परेशानी नहीं हो पर जेपीएससी को इस रिजल्ट से बहुत समस्या होगी. इसकी वजह ये है कि इस रिजल्ट पर करीब 34 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. जिसके कुल दो लाख से भी ज्यादा कॉपियां जेपीएससी को जांचनी पड़ेगी. सवाल ये उठता है कि अगर इतनी कॉपियां जेपीएससी जांच लेती है तो क्या उसमें सही मार्किंग हो पायेगा. अगर कॉपियों की जांच सही से की गयी तो रिजल्ट किसी भी हाल में इस साल नहीं प्रकाशित  किया जा सकता है.
 

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एक अभ्यर्थी देंगे छह पेपर की परीक्षा
मुख्य परीक्षा सब्जेक्टिव  लिखित माध्यम से होगी और एक अभ्यर्थी कुल छह पेपर की परीक्षा देंगे. लगभग 34 हजार परिक्षार्थियों के करीब दो लाख चार हजार कॉपियां हो जायेंगी. परीक्षा राज्य प्रशासनिक  पद के लिए हो रही है तो किसी भी हाल में कॉपियों की जांच में एवरेज मार्किंग नहीं किया जा सकता. या फिर ऑप्शनल  पैटर्न की तरह कंप्यूटर से नहीं जांची जा सकती. जेपीएससी के नियमों के प्रावधान के तहत अगर रिजल्ट प्रकाशित  किया जाता तो पद के कुल 4890 परीक्षार्थी ही मुख्य परीक्षा देते.

 

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नियमावली के हिसाब से 4890 परीक्षार्थी ही देते परीक्षा
परीक्षा नियमावली के हिसाब से कुल पद के 15 गुणा अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा दे सकते हैं. पर सरकार और जेपीएससी विरोध से बचने के लिए हर बार जल्दबाजी में त्रुटिपुर्ण रिजल्ट जारी कर रही है. इस बार रिजल्ट में ये कैटेगरी वाइज पास मार्क्स  तय किए गये हैं, जिसके तहत सभी पास अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हो पायेंगे. साथ ही ये कहा था कि ये व्यवस्था सिर्फ इस बार के लिए है, मतलब कि ये पुर्णकालिक नहीं है, इससे साफ है कि फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया है. इस परीक्षा से 326 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिस हिसाब से 4890 स्टूडेंटस ही मुख्य परीक्षा देते.

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कोई भी परीक्षा नहीं होने दिया जायेगा
इस रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थी आंदोल करने की तैयारी में हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक आरक्षण नियमावली के साथ 15गुणा सही ढ़ंग से रिजल्ट प्रकाशित  नहीं किया जायेगा. तब तक राज्य में किसी भी तरह का कोई परीक्षा नहीं होने देंगे. उन्होंने ये भी कहा कि जेपीएससी को फिर से छठी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी करना ही पड़ेगा और नहीं होने पर आंदोलन उग्र कर देंगे. 

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बाहरी लोगों को मौका देने के लिए साजिश  के तहत निकाला गया ऐसा रिजल्ट
स्टूडेंटस का कहना है कि सरकार ने साजिश  के तहज ऐसा रिजल्ट जारी करने की बात कही है.ऐसा रिजल्ट जारी करने का मकसद साफ है कि सरकार बाहर के लोगों को मौका देना चाहती है. ऐसा कहने के पीछे ये तुक है कि ओबीसी जो सामान्य श्रेणी के बराबर अंक लाये हैं, वे स्वतः जेनरल की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे.  ऐसा होने पर और ओबीसी छात्रों को मौका मिल सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सामान्य के बराबर अंक लाने के बावजूद ओबीसी में ही रखा गया. उल्लेखनीय है की राज्य के बाहर के अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी से ही इस परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं. 

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